चंडीगढ़| हरियाणा के कच्चे कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। हरियाणा में अनुबंधित कर्मचारियों को रिटायरमेंट तक की जॉब गारंटी के लिए लाए गए अध्यादेश पर राज्यपाल ने मुहर लगा दी है। इस नए अध्यादेश के मुताबिक किसी भी सरकारी अधिकारी, कर्मचारी या किसी अन्य व्यक्ति या प्राधिकरण के खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकेगी। पात्र अनुबंधित कर्मचारी रिटायरमेंट की उम्र तक काम करेंगे। गेस्ट टीचर को भी इनकी तरह सभी सुविधाएं मिलेंगी। इस अध्यादेश का 1.20 लाख अनुबंधित कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
यह अध्यादेश सरकार के विभागों, बोर्ड, निगमों में अनुबंध पर नियुक्त कर्मचारियों पर लागू होगा। उसकी आय मासिक 50 हजार रुपये तक होनी चाहिए। कर्मचारी को हरियाणा कौशल रोजगार निगम द्वारा संविदा नीति-2022 के तहत तैनात किया गया होना चाहिए। कम से कम पांच वर्ष की सर्विस होनी चाहिए। सेवा की अवधि में किसी भी स्वीकृत छुट्टी की अवधि शामिल रहेगी। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने बुधवार की रात इस आर्डिनेंस को मंजूरी प्रदान कर दी है। इससे कौशल रोजगार निगम तथा आउटसोर्सिंग पालिसी पार्ट-1 और पार्ट-2 के आधार पर लगे 1.20 लाख 20 हजार कच्चे कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। प्रदेश सरकार जितनी भी घोषणाएं कर रही हैं, उन्हें तुरंत धरातल पर लागू किया जा रहा है। प्रदेश के अतिथि अध्यापकों की तर्ज पर विभिन्न विभागों, बोर्ड-निगमों और स्वायत्त संस्थानों में लगे इन कच्चे कर्मचारियों की सेवाएं 58 वर्ष तक के लिए सुनिश्चित की गई हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में पिछले गुरुवार को को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया था और कल अध्यादेश ला दिया गया, जिसके मुताबिक अब किसी कॉन्ट्रैक्ट के कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी।