मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार को लेकर जारी विवाद के बीच प्रदेश के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी अपने घोषित उम्मीदवार में कोई बदलाव नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा में एक बार उम्मीदवार घोषित होने के बाद टिकट बदलने की परंपरा नहीं रही है।
‘बीजेपी में टिकट बदलने की परंपरा नहीं’
मीडिया से बातचीत में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जहां कार्यकर्ता अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि संगठन से बातचीत के बाद सभी कार्यकर्ता पार्टी के फैसले को स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा, “भाजपा में एक बार उम्मीदवार घोषित होने के बाद टिकट बदलने की कोई परंपरा नहीं है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि दतिया में उम्मीदवार बदला जाएगा।”
‘नरोत्तम मिश्रा पार्टी के फैसले का सम्मान करेंगे’
विजयवर्गीय ने कहा कि उनकी अभी तक पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा से बात नहीं हुई है, लेकिन वह पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और संगठन के निर्णय का सम्मान करेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने की तैयारी कई लोग करते हैं, लेकिन टिकट सभी को नहीं मिल सकता। पार्टी का निर्णय सर्वोपरि होता है और हर कार्यकर्ता को उसका सम्मान करना चाहिए।
टिकट कटने पर समर्थकों का प्रदर्शन
बीजेपी ने शुक्रवार को दतिया उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया था। इसके बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने करीब 12 घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच झड़प भी हुई, जिसमें पुलिस अधीक्षक सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
30 जुलाई को होगा मतदान
दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई थी। उन्हें एक धोखाधड़ी मामले में तीन वर्ष की सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म कर दी गई थी। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। बीजेपी अब आशुतोष तिवारी के नेतृत्व में सीट बरकरार रखने की तैयारी में जुटी है।