आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के मिल्लतनगर मोहल्ले में बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने मदरसा शिक्षक शमशुल हुदा खान के घर पर बड़ी कार्रवाई की। करीब दस अधिकारियों की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और बंद पड़े मकान का ताला खुलवाकर लगभग नौ घंटे तक गहन तलाशी ली।
मकान की चाबी पड़ोसी के पास होने के कारण उसे बुलाकर घर खुलवाया गया। इसके बाद ईडी की टीम घर के अंदर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच में जुट गई, जबकि बाहर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहा। जांच के दौरान टीम को कई अहम दस्तावेज मिले, जिनके आधार पर शमशुल हुदा खान के विदेशी फंडिंग लेने और संदिग्ध व्यक्तियों के संपर्क में रहने की आशंका जताई गई है। ईडी ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, संत कबीरनगर के मूल निवासी शमशुल हुदा खान की 1984 में दारूल उलूम अहले सुन्नत मदरसा असरफिया मिस्बाहुल उलूम, मुबारकपुर में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति हुई थी। आरोप है कि वह बीमारी का बहाना बनाकर अक्सर ब्रिटेन आते-जाते रहे और 19 दिसंबर 2013 को ब्रिटिश नागरिकता भी ले ली। इसके बावजूद प्रबंधक, प्रधानाचार्य और विभागीय अधिकारियों की कथित मिलीभगत से वह 31 जुलाई 2017 तक अनियमित रूप से वेतन लेते रहे। बाद में उन्हें पेंशन का भुगतान भी किया गया, जिसे अक्टूबर 2025 से रोक दिया गया है।
मामले में मदरसा प्रबंधक हाजी सरफराज ने शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि ब्रिटिश नागरिकता लेने के बाद भी उन्होंने विभाग को सूचना दिए बिना वेतन लिया। रिश्तेदार की शिकायत के बाद शासन स्तर पर जांच हुई और आरोप सही पाए गए, जिसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया। इस प्रकरण के चलते शासन ने मदरसे की मान्यता निलंबित कर दी है। साथ ही वहां कार्यरत 85 शिक्षकों का वेतन भी रोक दिया गया है। तीन पूर्व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जा चुकी है। ईडी की छापेमारी के बाद क्षेत्र में हड़कंप का माहौल है और मामले की जांच जारी है।