रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े चर्चित बड़गाईं जमीन मामले में आज अहम सुनवाई होने वाली है। 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को PMLA की विशेष अदालत में पेश होना है। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अब विशेष अदालत में आरोप गठन के मुद्दे पर बहस होगी। मुख्यमंत्री को अदालत ने वर्चुअल माध्यम से पेश होने की अनुमति दी है। सिविल कोर्ट के अधिवक्ता अविनाश पांडे के मुताबिक, मुख्यमंत्री की पेशी शाम 4 बजे तक होनी है।
19 सितंबर को होनी थी पेशी
इस मामले में हेमंत सोरेन को पहले 19 सितंबर को PMLA कोर्ट में पेश होना था। हालांकि, उनके अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री की व्यस्तता का हवाला देते हुए उस दिन अदालत में पेश होने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद PMLA कोर्ट के न्यायाधीश योगेश कुमार ने पेशी के लिए 21 सितंबर की तारीख निर्धारित की थी। अब इसी तारीख पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
हाईकोर्ट से नहीं मिली पेशी में राहत
बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में हेमंत सोरेन ने झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया था। उनकी ओर से इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशन (IA) दाखिल कर विशेष अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट देने का अनुरोध किया गया था। 18 सितंबर को इस याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने हेमंत सोरेन की IA याचिका खारिज कर दी। इसके बाद PMLA कोर्ट में उनकी पेशी का रास्ता साफ हो गया।
जून में डिस्चार्ज पिटीशन हो चुकी है खारिज
इस मामले में PMLA की विशेष अदालत ने 8 जून 2026 को हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज कर दिया था। अदालत ने ED की ओर से पेश किए गए तथ्यों के आधार पर माना था कि इस चरण में उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है। विशेष अदालत के इसी आदेश को हेमंत सोरेन ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनकी ओर से क्रिमिनल रिवीजन याचिका दाखिल कर निचली अदालत के आदेश को रद्द करने और मामले में चल रही आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की गई है।
आरोप गठन पर होगी आगे की सुनवाई
हेमंत सोरेन की ओर से हाईकोर्ट में मुख्य याचिका के साथ 19 सितंबर को PMLA कोर्ट में होने वाली पेशी से राहत के लिए अलग IA भी दाखिल की गई थी। हालांकि, हाईकोर्ट से उन्हें इस मामले में राहत नहीं मिली। अब 21 सितंबर को PMLA कोर्ट में उनकी पेशी के बाद आरोप गठन से जुड़ी दलीलों पर सुनवाई होगी।
कई सह-आरोपियों पर पहले ही हो चुका है आरोप गठन
बड़गाईं जमीन मामले में ED की विशेष अदालत कई आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप गठन कर चुकी है। इनमें अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह, पूर्व राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, तापस घोष, शेखर कुशवाहा, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, अफसर अली, मोहम्मद इरशाद अख्तर, कुमार राजश्री, मनोज कुमार यादव, प्रियरंजन सहाय, विपिन सिंह, विजेंद्र सिंह और संजीत कुमार समेत अन्य नाम शामिल हैं। अब सबकी नजर आज होने वाली PMLA कोर्ट की कार्यवाही पर है, जहां हेमंत सोरेन की वर्चुअल पेशी के साथ आरोप गठन से जुड़े मामले में आगे की प्रक्रिया पर बहस होगी।