उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में घरेलू गैस सिलेंडरों से अवैध तरीके से गैस निकालने और उनमें हेरफेर करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कोतवाली देहात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से 96 गैस सिलेंडर और दो पिकअप वाहन बरामद किए गए हैं। पुलिस की कार्रवाई से एक ओर जहां अवैध गैस कारोबार का खुलासा हुआ है, वहीं बड़ी संख्या में सिलेंडरों के साथ छेड़छाड़ किए जाने से संभावित हादसे का खतरा भी सामने आया है।
एजेंसी से सिलेंडर लेकर रास्ते में निकालते थे गैस
पुलिस के मुताबिक, आरोपी गैस एजेंसी से सिलेंडर लेकर निकलते थे और रास्ते में उनमें से गैस निकालकर मात्रा कम कर देते थे। इसके बाद इन्हीं सिलेंडरों को ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था। इस तरह उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा से कम गैस मिलने के साथ ही अवैध कारोबार भी चल रहा था। बरामद 96 सिलेंडरों में 12 खाली पाए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पिंटू पटेल, सुशील सरोज, विवेक पटेल, सुशील मिश्र और भोले पाल के रूप में हुई है।
इलेक्ट्रॉनिक कांटा और गैस ट्रांसफर उपकरण बरामद
पुलिस को मौके से गैस की मात्रा में हेरफेर करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक कांटे, बड़ी संख्या में सिलेंडर रैपर और गैस ट्रांसफर करने वाले उपकरण भी मिले हैं। पुलिस इन सामानों के जरिए आरोपियों के काम करने के तरीके और नेटवर्क की जांच कर रही है।
घनी आबादी के बीच चल रहा था कारोबार
पुलिस जांच में सामने आया कि अवैध गैस रिफिलिंग का यह काम घनी आबादी वाले इलाके में किया जा रहा था। गैस सिलेंडरों से इस तरह छेड़छाड़ करना बेहद जोखिम भरा होता है और जरा सी लापरवाही आग या विस्फोट जैसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक पुष्पराज सिंह को अवैध गैस रिफिलिंग की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद सिलेंडर किन गैस एजेंसियों से जुड़े हैं और आरोपी कितने समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे। इसके अलावा गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। बड़ी संख्या में सिलेंडर एक जगह जमा कर गैस निकालने का काम सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई को सुरक्षा के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।