लखनऊ: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को लखनऊ में आयोजित प्रबुद्धजन (ब्राह्मण) सम्मेलन में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज लोग पीडीए की नई-नई परिभाषाएं गढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, “जब से वे पीडीए से हारे हैं, तब से इसके अलग-अलग मतलब बताए जा रहे हैं। वे भूल गए हैं कि पीडीए में पंडित और पीड़ित दोनों साथ-साथ हैं।”
सपा कार्यालय में जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने भगवान कृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए कहा कि यह दोस्ती हजारों साल पुरानी है और सच्चे मित्र किसी स्वार्थ की परवाह नहीं करते। उन्होंने कहा कि महाभारत पढ़ने वालों को इस मित्रता का महत्व अच्छी तरह पता है।
शंकराचार्य विवाद पर बोलते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि इतिहास में ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिलता जब किसी सरकार ने शंकराचार्य को कहीं जाने से रोका हो। उन्होंने आरोप लगाया कि त्रिवेणी में स्नान करने से रोका गया, उन्हें धरना देना पड़ा और बटुकों का भी अपमान हुआ। अखिलेश ने कहा कि शंकराचार्य को डराने के लिए पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया, लेकिन वे झुके नहीं।
यह कार्यक्रम समाजवादी विचारक और पूर्व केंद्रीय मंत्री जनेश्वर मिश्र की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। इसमें प्रदेशभर से ब्राह्मण समाज से जुड़े सपा नेता और पदाधिकारी शामिल हुए। पार्टी नेताओं ने जनेश्वर मिश्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इससे पहले अखिलेश यादव जनेश्वर मिश्र पार्क पहुंचे, जहां उन्होंने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। वह गोल्फ कार्ट से प्रतिमा स्थल तक पहुंचे। वहां मौजूद सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और नारेबाजी शुरू कर दी। भीड़ के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई, जिसमें अखिलेश को हल्का धक्का भी लगा। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित प्रतिमा स्थल तक पहुंचाया। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।