लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सबसे व्यस्त और हाई-सिक्योरिटी वाले हजरतगंज इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां स्थित प्रमुख सरकारी परिसर ‘जवाहर भवन’ में सोमवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरी इमारत में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में परिसर को खाली कराना पड़ा। गनीमत यह रही कि दमकल विभाग की मुस्तैदी के चलते समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई।जवाहर भवन में उत्तर प्रदेश सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों के निदेशालय और बड़े कार्यालय संचालित होते हैं, जिसके चलते यह इलाका हमेशा बेहद संवेदनशील माना जाता है।
चौथी मंजिल से उठा धुएं का गुबार, वीडियो आया सामने
प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह जैसे ही कर्मचारी दफ्तर पहुंचे, उन्होंने इमारत के ऊपरी हिस्से से काले धुएं का भारी गुबार और आग की लपटें उठती देखीं। बताया जा रहा है कि आग भवन की चौथी मंजिल पर स्थित कैंटीन में लगी थी। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आग की भयावहता को साफ देखा जा सकता है। आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती तौर पर इसे शॉर्ट सर्किट से जोड़कर देखा जा रहा है।
दमकल की गाड़ियों ने संभाला मोर्चा, युद्धस्तर पर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
इमारत से धुआं निकलता देख कर्मचारियों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने बिना वक्त गंवाए युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। एहतियात के तौर पर सबसे पहले जवाहर भवन के भीतर मौजूद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षित रास्तों से बाहर निकाला गया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
बिना पास के नो-एंट्री, जांच में जुटे अधिकारी
सुरक्षा के लिहाज से बेहद कड़े माने जाने वाले जवाहर भवन में आम जनता का प्रवेश बिना आधिकारिक पास के पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे में कैंटीन जैसे संवेदनशील हिस्से में आग लगना प्रशासन के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। दमकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि आग को पूरी तरह बुझा दिया गया है और कूलिंग का काम जारी है। हादसे में किसी भी तरह के जान-माल के बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर विस्तृत जांच की जा रही है।