बिहार के जमुई में कक्षा 10 की नाबालिग छात्रा से कथित छेड़छाड़ और बदसलूकी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगी है। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी थी। पुलिस के मुताबिक, नंदन यादव को घटना से जुड़े स्थान पर ले जाया गया था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस की ओर से गोली चलाए जाने की बात सामने आई है। इस कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।
पहले ही तीन आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू की थी। अधिकारियों के मुताबिक, घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश भी जारी है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन भी किया है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में दिखाई देने वाले सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
19 सितंबर की शाम हुई थी घटना
पुलिस के अनुसार, यह घटना 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे जमुई में हुई थी। कक्षा 10 में पढ़ने वाले एक नाबालिग छात्र और छात्रा कोचिंग के बाद एक पहाड़ी इलाके में गए थे। वहां से लौटते समय रास्ते में कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद दोनों को घेरकर उनके साथ कथित तौर पर अभद्रता और मारपीट की गई। वायरल वीडियो में छात्रा और उसके साथी को आरोपियों से छोड़ देने की गुहार लगाते हुए देखा गया। पुलिस ने वीडियो सामने आने के बाद मामले का संज्ञान लिया और पीड़ितों तक पहुंचकर जांच शुरू की।
वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ा। पुलिस ने वीडियो की जांच कर आरोपियों की पहचान शुरू की। जमुई पुलिस के अनुसार, घटना में करीब सात लोगों की भूमिका सामने आई है और बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करने वाले या वीडियो को आपत्तिजनक तरीके से प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता की पहचान उजागर करना कानूनन गंभीर मामला है।
POCSO के तहत दर्ज है मामला
जमुई पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। मामले में POCSO एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं। SIT आरोपियों की पहचान, घटना की पूरी परिस्थितियों और वायरल वीडियो से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।