मुंबई: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई है। परीक्षा रद्द होने के बाद अब इस मामले को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। NCP (SP) के नेता और विधायक रोहित पवार ने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए पेपर लीक के पीछे बड़े नेटवर्क का दावा किया है। रोहित पवार का आरोप है कि पेपर लीक करने वाला नेटवर्क केवल एक उम्मीदवार तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे महाराष्ट्र में सक्रिय एजेंटों के जरिए प्रश्नपत्र बेचे गए। उन्होंने दावा किया कि पेपर की कीमत कथित तौर पर 40-40 लाख रुपये तक तय की गई थी।
‘सबूतों के साथ उठाया था पेपर लीक का मुद्दा’
रोहित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग को टैग करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से पहले ही कथित पेपर लीक को लेकर सबूतों के साथ सवाल उठाए गए थे। उन्होंने दावा किया कि जांच के बाद पेपर लीक होने की बात सामने आई है और इसी वजह से आयोग को परीक्षा रद्द करने का फैसला लेना पड़ा।
‘पूरे महाराष्ट्र में सक्रिय था एजेंट नेटवर्क’
NCP (SP) विधायक ने आयोग के उस कथित दावे पर भी सवाल उठाया कि प्रश्नपत्र केवल एक अभ्यर्थी तक पहुंचा था। रोहित पवार के मुताबिक, उन्हें मिली जानकारी के अनुसार अलग-अलग एजेंटों के माध्यम से कई उम्मीदवारों तक पेपर पहुंचाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कथित नेटवर्क में पेपर की कीमत लाखों रुपये रखी गई थी और 40 लाख रुपये तक में प्रश्नपत्र बेचे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
रोहित पवार ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन एजेंटों के नाम उन्होंने पहले जांच एजेंसियों के सामने रखे थे, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या आयोग से जुड़ा कोई व्यक्ति इस कथित नेटवर्क का हिस्सा था और किसके संरक्षण में यह पूरा मामला चल रहा था। उनका कहना है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और इसे दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग
पेपर लीक को आयोग की विश्वसनीयता से जोड़ते हुए रोहित पवार ने MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक को सामान्य घटना नहीं माना जा सकता।उन्होंने सरकार से आयोग के अध्यक्ष पद पर साफ-सुथरी छवि वाले व्यक्ति की नियुक्ति करने की मांग भी की। साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़े मंत्रियों से इस मामले पर सरकार का पक्ष स्पष्ट करने और जनता को पूरी जानकारी देने को कहा।
परीक्षा रद्द होने के बाद आगे क्या?
ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा रद्द किए जाने के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर आयोग के अगले फैसले पर है। परीक्षा दोबारा कब आयोजित होगी और नई परीक्षा की प्रक्रिया क्या होगी, इसे लेकर आयोग की ओर से आगे की जानकारी का इंतजार है। फिलहाल पेपर लीक मामले में रोहित पवार के आरोपों के बाद आयोग की परीक्षा प्रणाली और प्रश्नपत्र की सुरक्षा को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।