अमृतसर। अयोध्या में भव्य और दिव्य राम मंदिर बनकर तैयार है। आज 22 जनवरी को नए मंदिर में राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा होगी। मंदिर समेत पूरी अयोध्या और देश के विभिन्न राज्य सजधज कर तैयार हैं। वहीं, एक कलाकर ने अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए सोने की अंगूठी पर राम मंदिर की प्रतिमा बना दी है, जो बेहद ही आकर्षक लग रही है।
मुस्लिम कारीगर ने अंगूठी पर बनाया राम मंदिर
यह सोने की अंगूठी अमृतसर में रंजीत एवेन्यू के पास स्थित कचहरी चौक पर चमन रेस्टोरेंट के मालिक रामभक्त दीपक कुमार ने बनवाई है। दरअसल, पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के मूल निवासी युवा मुस्लिम कारीगर सैयद रमजान उद्दीन ने ऐसी सोने की अंगूठी तैयार की है, जिस पर श्रीराम मंदिर की प्रतिमा अंकित है।
20 ग्राम सोने की अंगूठी पर अंकित प्राण प्रतिष्ठा की तिथि
20 ग्राम सोने की एक लाख रुपये से अधिक मूल्य में बनी इस अंगूठी पर श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तिथि 22.1.2024 भी अंकित है। इसके लिए कारीगर रमजान ने अपना मेहनताना, जोकि करीब छह-सात हजार रुपये बनता है, भी नहीं लिया।
छह हजार कारीगरों ने एक सप्ताह के अंदर तैयार की अंगूठी
रमजान ने कंप्यूटर ग्राफिक्स की मदद से इसका डिजाइन तैयार किया है। इसे मोम के सांचे में ढालने के बाद छह कारीगरों ने एक सप्ताह में तैयार किया है। यह अंगूठी रंजीत एवेन्यू के पास स्थित कचहरी चौक स्थित चमन रेस्टोरेंट के मालिक रामभक्त दीपक कुमार ने बनवाई है।
देवी-देवताओं की तस्वीर वाली अंगूठी भी बना चुके हैं रमजान
पिछले सात वर्ष से गुरु बाजार स्थित मोती की माला निर्मित करने वाले विशाल सरीन के यहां काम कर रहे कारीगर रमजान इससे पहले देवी-देवताओं की तस्वीर वाली अंगूठियां भी बना चुके हैं। उन्होंने बताया कि देवी-देवताओं की तस्वीरों वाली अंगूठी बनाने में भी दस दिन तक लग जाते हैं।
देवी-देवातओं की एक दर्जन से अधिक की तैयार
वह पिछले चार-पांच वर्ष में शिव-गणेश, मां लक्ष्मी की तस्वीर वाली 15-20 ग्राम की एक दर्जन से अधिक अंगूठियां बनाकर ग्राहकों को दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार वर्ष में भगवान की तस्वीरों वाली अंगूठियां बनाने का रुझान काफी बढ़ा है।
19 मिलीमीटर की 20 ग्राम सोने पर बनी है ये खास अंगूठी
विशाल ने बताया कि 19 मिलीमीटर की 20 ग्राम सोना जड़ित श्रीराम मंदिर प्रतिमा की उक्त अंगूठी को बनवाने के बाद देश के विभिन्न राज्यों के शहरों से अंगूठी बनवाने के ऑर्डर मिल रहे हैं। दो दिन में ही ऐसे तीन ऑर्डर मिल चुके हैं, जिनकी इच्छा 22 जनवरी को ही ऐसी अंगूठी पहनने की थी।
कंप्यूटर पर मॉडल तैयार करने में लग जाते हैं तीन-चार दिन
इतने कम समय में ऐसी अन्य अंगूठियां तैयार कर पाना संभव नहीं है, क्योंकि अंगूठी में श्रीराम मंदिर मॉडल कंप्यूटर पर तैयार करने में ही तीन-चार दिन लग जाते हैं। श्री राममंदिर के मॉडल के तहत एक-एक पिलर की ठीक उसी तरह बनावट तैयार करनी पड़ती है, जैसे वास्तव में श्रीराम मंदिर निर्मित है।