नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने अजित पवार वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को ही असली NCP करार दिया है। आयोग के इस फैसले के बाद महाराष्ट्र में शरद पवार के गुट ने फैसले पर नाराजगी जताई है। बताया गया है कि विपक्ष इस मुद्दे पर जल्द ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है।
हालांकि, इससे पहले ही अजित पवार गुट ने बुधवार को कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दी। उनकी तरफ से मांग की गई है कि विपक्ष की तरफ से मामले में दायर किसी भी याचिका पर उन्हें भी सुना जाए।
गौरतलब है कि छह महीने से अधिक समय तक चली 10 से ज्यादा सुनवाई के बाद चुनाव आयोग ने NCP में विवाद का निपटारा किया और अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट के पक्ष में फैसला सुनाया था। अब NCP का नाम और चुनाव चिह्न ‘घड़ी’ अजित पवार के पास रहेगा।
इस फैसले पर शरद पवार के धड़े ने नाराजगी जताई थी। वहीं, महाविकास अघाड़ी में उनकी साथी रही शिवसेना (UBT) और कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग के फैसले का विरोध किया था और कोर्ट जाने की बात कही थी।
NCP के सभी पदाधिकारी हमारे साथ: अजित
दूसरी तरफ अजित पवार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में बहुमत को ही प्राथमिकता दी जाती है। तकरीबन 50 विधायक हमारे साथ हैं। यहां तक की ज्यादातर जिला अध्यक्ष और पार्टी प्रकोष्ठों के प्रमुख भी हमारे साथ ही खड़े हैं।
अजित पवार ने कहा कि वह चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत करते हैं। शरद पवार द्वारा चुनाव आयोग के आदेश को चुनौती देने वाले बयान पर अजित पवार ने कहा कि हर किसी को ऐसा करने का अधिकार है।