शामली, 27 अगस्त 2026। हरियाणवी सिंगर और कलाकार अंकित बालियान की हत्या के मामले में एक कथित गैंगस्टर के सोशल मीडिया पोस्ट से सनसनी फैल गई है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े गोगी गैंग के शूटर बताए जा रहे सोनीपत निवासी भोलू साहपुरिया ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। पोस्ट में उसने आगे भी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए ‘वेट एंड वॉच’ लिखा है। पुलिस वायरल पोस्ट की सत्यता और हत्या से इसके कनेक्शन की जांच कर रही है। अंकित बालियान की बुधवार शाम शामली में जिम से बाहर निकलते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद से पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है।
जिम से निकलते ही बाइक सवार बदमाशों ने की फायरिंग
जानकारी के मुताबिक, शामली के बाबरी थाना क्षेत्र के बंतीखेड़ा गांव निवासी 35 वर्षीय अंकित बालियान बुधवार दोपहर आर्यपुरी इलाके में नाला पटरी स्थित एक जिम पहुंचे थे। शाम करीब 6:48 बजे जिम से बाहर निकलकर वह अपनी स्कॉर्पियो में बैठने जा रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार चार हमलावर वहां पहुंचे और फायरिंग शुरू कर दी। करीब दो मिनट तक हुई गोलीबारी में कई राउंड फायर किए गए। गोलियों की आवाज से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
जिम में मौजूद पुलिसकर्मी ने पहुंचाया अस्पताल
फायरिंग के बाद अंकित सड़क के किनारे गिर गए। घटनास्थल पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें उनकी ही गाड़ी में अस्पताल पहुंचाया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल से खोखे और अंकित का मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। उनकी गाड़ी पर भी गोलियों के निशान मिले हैं। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और दूसरे सुरागों के आधार पर हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
हत्या के बाद परिवार और स्थानीय लोगों का प्रदर्शन
वारदात की सूचना मिलते ही अंकित के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने शव को सड़क पर रखकर विरोध जताया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने हत्यारों की गिरफ्तारी के साथ उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद स्थिति को संभाला गया।
सोशल मीडिया पोस्ट की भी जांच
हत्या के बाद भोलू साहपुरिया के नाम से सामने आई इंस्टाग्राम पोस्ट ने जांच को एक नया एंगल दिया है। पोस्ट में अंकित पर विरोधी पक्ष का साथ देने का आरोप लगाया गया है। दावा किया गया है कि इसी वजह से उसे निशाना बनाया गया। हालांकि किसी सोशल मीडिया अकाउंट से की गई पोस्ट को पुलिस की आधिकारिक पुष्टि नहीं माना जा सकता। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पोस्ट वास्तव में किसने डाली, इसका हत्या से कोई संबंध है या नहीं और वारदात के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
हत्या से पहले सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर
जांच एजेंसियां अंकित की हत्या से पहले की सोशल मीडिया गतिविधियों को भी खंगाल रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या हत्या से पहले किसी तरह की धमकी या विवाद से जुड़ी कोई गतिविधि सामने आई थी। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना है। हत्या के पीछे गैंगवार, पुरानी रंजिश या सोशल मीडिया से जुड़ा कोई विवाद था, इसकी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।