पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देश में बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए राजनीतिक नेताओं और उच्च अधिकारियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने पिछले 12 वर्षों में लड़कियों के साथ हुए दुर्व्यवहार को राष्ट्रीय मुद्दा बताते हुए कहा कि इस पर अब ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि देश के कई नेता, पूंजीपति और अधिकारी महिलाओं के शोषण में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग ही ऐसे मामलों में लिप्त हैं, तो सरकार को बेरोजगारी भत्ते की जगह ‘सेक्स भत्ता’ और ‘सेक्स पेंशन’ जैसी योजनाएं शुरू कर देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश ने अपने नैतिक मूल्य खो दिए हैं। गोवा में लड़कियों के वीडियो अपलोड होने और एक महिला के ट्वीट का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना था कि बिहार से लेकर पूरे देश में बेटियों के प्रति गलत नजरिया बढ़ता जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।
सांसद ने मांग की कि ऐसे मामलों में, खासकर जब नेता शामिल हों, एक महीने के भीतर स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि पहले बच्चों को नशे से बचाने की बात होती थी, लेकिन अब उन्हें नेताओं और अधिकारियों से बचाने के लिए एक बड़ी सामाजिक क्रांति की जरूरत है। पप्पू यादव ने स्पष्ट कहा कि मौजूदा समय में देश की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और यह पूरे समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है।