जयपुर| राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक निजी स्कूल के 12वीं कक्षा के छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। छात्र की स्कूल परिसर में अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना झोटवाड़ा स्थित महाराणा प्रताप स्कूल की है। मृतक की पहचान 17 वर्षीय प्रिंस सोनी के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि लंच ब्रेक के दौरान प्रिंस ने स्कूल कैंटीन से पेटीज खरीदी और खाने के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उनका दावा है कि पेटीज गले में फंसने के कारण छात्र की हालत गंभीर हो गई।
परिवार का आरोप है कि छात्र के बेहोश होने के बावजूद स्कूल प्रशासन ने समय रहते उसे अस्पताल नहीं पहुंचाया। स्कूल से अस्पताल की दूरी बेहद कम होने के बावजूद स्टाफ परिजनों को लगातार फोन कर बुलाता रहा, जबकि मौके पर प्राथमिक उपचार और तत्काल मेडिकल सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई।
परिजन स्कूल पहुंचे तो छात्र को पहले नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां से गंभीर हालत को देखते हुए उसे मणिपाल अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने पर झोटवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए कांवटिया अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और स्कूल परिसर के सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों को भी खंगाला जाएगा।
मृतक के सहपाठी ने भी दावा किया कि पेटीज खाने के बाद प्रिंस को परेशानी होने लगी। उसके अनुसार, छात्र पानी पीने के लिए भागा, लेकिन कुछ ही देर बाद बेहोश होकर गिर पड़ा। सहपाठी का कहना है कि उस समय उसके मुंह से झाग निकल रहा था और होंठ नीले पड़ गए थे। आरोप है कि छात्र को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय स्कूल परिसर में ही लिटाकर रखा गया।
घटना से नाराज परिजन और स्थानीय लोग अगले दिन बड़ी संख्या में स्कूल पहुंचे और स्कूल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, मेडिकल तथ्यों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मौत के सटीक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।