मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के रास्ते पर भीषण सड़क हादसा हो गया। नवरात्रि के दौरान दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं की भीड़ में एक तेज रफ्तार ट्रक घुस गया। हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 39 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। सात घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पहाड़ी से उतरते वक्त बेकाबू हुआ ट्रक
जानकारी के मुताबिक, नवरात्रि के चलते शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। इसी दौरान रात करीब डेढ़ बजे अनाज से भरा एक ट्रक पहाड़ी से नीचे उतर रहा था। बताया जा रहा है कि ढलान पर चालक ट्रक को नियंत्रित नहीं कर पाया और वाहन मंदिर के बाहर लगी दुकानों तथा वहां मौजूद श्रद्धालुओं को कुचलता हुआ मंदिर के गेट तक जा पहुंचा।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार के बीच लोग अपने परिजनों को तलाशने लगे। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और राहत दल ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
अपनों को खोने वाले परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। घटनास्थल और अस्पतालों में परिजनों का बुरा हाल है। हादसे में बेटे को खोने वाली एक महिला ने बताया कि उनकी बहू और दोनों बेटे मंदिर के रास्ते पर मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सुबह करीब 6 बजे उन्हें घटना की जानकारी मिली और जब उनकी बेटी परिजनों को तलाशने गई, तो पुलिस ने उसे जाने नहीं दिया।
एक अन्य परिजन ने अस्पताल पहुंचाने में कथित देरी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर हादसा रात करीब 2 बजे हुआ था, तो घायल बच्चे को अस्पताल चार बजे क्यों ले जाया गया। परिजन के मुताबिक, उन्हें बताया गया था कि बच्चे का इलाज चल रहा है, लेकिन बाद में उसकी मौत की जानकारी मिली।
प्रत्यक्षदर्शी का दावा- ट्रक में लदा था ज्यादा माल
घटनास्थल पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी, जिसके भाई को भी चोटें आई हैं, ने दावा किया कि ट्रक में जरूरत से ज्यादा माल लदा हुआ था। उसके मुताबिक, ट्रक अचानक बेकाबू होकर दुकानों और श्रद्धालुओं को कुचलता चला गया। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने कुछ लोगों को मौके पर ही दम तोड़ते देखा।
हालांकि, ट्रक के ओवरलोड होने और हादसे की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि इस बात की जांच की जा रही है कि नवरात्रि के दौरान सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड्स और पुलिस चेकपॉइंट्स के बावजूद ट्रक मंदिर के रास्ते तक कैसे पहुंच गया।