रांची/नई दिल्ली। झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखकर जैन अनुयायियों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना के संदर्भ में समुचित निर्णय लेने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा है कि पारसनाथ सम्मेद शिखर पौराणिक काल से जैन समुदाय का विश्व प्रसिद्ध पवित्र और पूजनीय तीर्थ स्थल है। मान्यता के अनुसार इस स्थान पर जैन धर्म के कुल 24 तीर्थंकरों में से 20 तीर्थकरों द्वारा निर्वाण प्राप्त किया गया है। इस स्थल के जैन धार्मिक महत्व के कारण भारत और विश्व के कोने-कोने से जैन धर्मावलंबी इस स्थान का तीर्थ करने आते हैं।
ऐसे में झारखण्ड पर्यटन नीति 2021 में पारसनाथ को तीर्थ स्थल मानते हुए इस स्थल को धार्मिक तीर्थ क्षेत्र के रूप में विकसित करने का उल्लेख है। पूर्व में भी इस स्थल की पवित्रता अक्षुण्ण रखने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रतिबद्धता जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस स्थल के समुचित विकास और इस क्षेत्र में व्यावसायिक क्रियाकलापों के विनियमन के लिए राज्य सरकार द्वारा सचिव,पर्यटन की अध्यक्षता में पारसनाथ पर्यटन विकास प्राधिकार गठित है, जिसमें 6 गैर सरकारी निदेशकों को भी सदस्य बनाया जाना है। प्राधिकार में गैर सरकारी निदेशकों के चयन की कार्रवाई चल रही है।
वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा उक्त स्थल की पवित्रता और शुचिता को बनाये रखने के लिए गिरिडीह के जिलाधिकारी और आरक्षी अधीक्षक को आवश्यक निर्देश जारी किया गया है और जारी किये गये निर्देश के आलोक में इस स्थल पर पुलिस गश्ती बढ़ाते हुए इस स्थल की पवित्रता और सुचिता को बनाये रखना सुनिश्चित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार जैन धर्मावलंबियों की भावनाओं का संपूर्ण सम्मान करती है और उक्त स्थल की पवित्रता अक्षुण्ण रखने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार के द्वारा अभी तक कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में अनुरोध है कि जैन अनुयायियों से प्राप्त अनुरोध के आलोक में उनके धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए समुचित निर्णय लेने की कृपा की जाए।
CM Hemant Soren, CM Hemant Soren latest news, CM Hemant Soren news,