पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 24 दिसंबर को वाराणसी में रैली कर सकते हैं। उनके वाराणसी दौरे को लेकर अभी से सियासत तेज है। बीजेपी जहां इसे राजनीतिक स्टंट मान रही है तो वहीं आरजेडी सांसद मनोज झा ने पीएम मोदी पर ही निशाना साधा है।
नीतीश कुमार फ्यूज्ड बल्ब
भाजपा के राज्यसभा सांसद व बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार फ्यूज्ड बल्ब हैं, जो टिमटिमा सकते हैं, लेकिन पूरी रोशनी नहीं दे सकते। जो अपने राज्य में, 44 सीटें ही जिता पाया… जो मप्र में सबसे खराब प्रदर्शन किए। इनके प्रत्याशियों को 100-200 वोट मिले। वो यूपी में जाकर अखिलेश यादव की बदौलत, कुर्मी का क्या वोट दिला पाएंगे। अगर अब इनता ही सोचा है तो मोदी जी के खिलाफ चुनाव लड़कर देख लें।
नीतीश कुमार लंबी-लंबी बात करते हैं
सुशील मोदी ने आगे कहा, “नीतीश कुमार केवल मीडिया में बने रहने के लिए लंबी-लंबी बात करते हैं। खुद बोलते हैं मैं प्रधानमंत्री पद का दावेदार नहीं हूं और अपने ही लोगों से बुलवाते हैं कि वो ही सबसे योग्य उम्मीदवार हैं।
अब देखिए 18 या 19 को इंडी गठबंधन की जो बैठक होने वाली है, उसमें ये लोग काफी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उन्हें संयोजक बनाया जाए। अगर मान लीजिए संयोजक घोषित कर भी दें, तो भी कुछ बदलने वाला नहीं।
आरजेडी मनोज झा ने कहा कि नीतीश कुमार अगर वाराणसी जा रहे हैं तो इसमें कौन-सा गुनाह हो गया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी मालिक हो गए हैं क्या? जनप्रतिनिधि तो जनता का प्रतिनिधि होता है, अगली बार होंगे कि नहीं होंगे इसकी गारंटी नहीं है।” झा ने कहा कि नीतीश कुमार एक राज्य के मुख्यमंत्री हैं। वाराणसी तो एक आम नागरिक भी जा सकता है। ये (पीएम मोदी) क्या नए कोतवाल बन गए हैं क्या?