उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आईसीटी (ICT) लैब और अन्य डिजिटल शिक्षण संसाधनों का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड (ब्लॉक) में ‘मास्टर ट्रेनर’ तैयार किए जाएंगे, जो शिक्षकों को तकनीक आधारित शिक्षण का व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे। इसका उद्देश्य कक्षाओं को अधिक रोचक, सहभागितापूर्ण और गुणवत्तापूर्ण बनाना है।
राज्य स्तरीय प्रशिक्षण का पहला चरण पूरा
महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी जिलों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत प्रत्येक ब्लॉक से चयनित संदर्भदाताओं (मास्टर ट्रेनर्स) का दो चरणों में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। अब यही प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर अपने-अपने ब्लॉकों में शिक्षकों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेंगे। 50-50 प्रतिभागियों के बैच में होने वाला यह प्रशिक्षण 30 अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्मार्ट क्लास से AI तक की मिलेगी ट्रेनिंग
प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी तरह व्यावहारिक होगा। इसमें शिक्षकों को स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, इंटरैक्टिव डिजिटल बोर्ड, प्रोजेक्टर और कंप्यूटर के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, एनबीडीआईयूपी (NBDIUP) पोर्टल पर उपलब्ध डिजिटल बोर्ड मैनुअल, ट्यूटोरियल और ई-कंटेंट के माध्यम से कठिन विषयों को आसान और दृश्यात्मक तरीके से पढ़ाने की आधुनिक तकनीकों से भी अवगत कराया जाएगा। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित शिक्षण संसाधनों के उपयोग पर भी विशेष जोर रहेगा।
NEP-2020 के अनुरूप डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा
सरकार का उद्देश्य स्कूलों में लगाए गए डिजिटल उपकरणों को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखकर उन्हें रोजमर्रा की पढ़ाई का अभिन्न हिस्सा बनाना है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप अनुभवात्मक (Experiential) और तकनीक आधारित शिक्षण को बढ़ावा देगी। प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक शिक्षक का प्री-टेस्ट और पोस्ट-टेस्ट लिया जाएगा। वहीं, विद्या समीक्षा केंद्र और राज्य परियोजना कार्यालय पूरे अभियान की ऑनलाइन निगरानी करेंगे।
तकनीकी समस्याओं के समाधान की भी मिलेगी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को ‘एस्केलेशन मैट्रिक्स’ और ‘प्रेरणा मॉड्यूल’ के माध्यम से तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान की प्रक्रिया भी सिखाई जाएगी, ताकि डिजिटल शिक्षण में किसी प्रकार की बाधा न आए। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, योगी सरकार का लक्ष्य केवल स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक शिक्षक को डिजिटल शिक्षण में दक्ष बनाना है। सरकार का मानना है कि जब शिक्षक तकनीक का प्रभावी उपयोग करेंगे, तभी विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रुचिकर शिक्षा पहुंच सकेगी। यदि यह खबर डिजिटल या टीवी न्यूज़ के लिए है, तो इसे और अधिक तेज़, प्रभावशाली और एंकर-फ्रेंडली शैली में भी तैयार किया जा सकता है।