मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती के अवसर पर आयोजित ‘राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह’ में शामिल हुए. साझी विरासत अभियान द्वारा सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर स्थित बापू सभागार में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक भारत के शिल्पकार, राष्ट्रीय एकता एवं अखंड भारत के महान प्रतीक भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 151वीं जयंती के अवसर पर मैं उनके चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं. सरदार पटेल जी देश के सबसे मजबूत गृह मंत्रियों में से एक थे. उन्होंने 567 रियासतों का भारत में विलय कर देश की एकता और अखंडता को मजबूत किया. कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया. यदि सरदार पटेल जी नहीं होते तो आज भारत का स्वरूप इतना विशाल और एकीकृत नहीं होता. मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि बिहार में सबसे ऊंची मूर्ति लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की स्थापित की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत को वर्ष 2047 तक विकसित एवं आर्थिक रूप से सशक्त राष्ट्र बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है. प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी ने सरदार पटेल जी के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी ने बिहार को विकसित बनाने के लिए अपने 20 वर्षों के कार्यकाल में काफी काम किया है, उनसे हमें बिहार के विकास को आगे बढ़ाने की सीख मिली है. हम उनके विकास कार्यों को आगे बढ़ाने तथा उनके सपनों को पूरा करने में लगे हुए हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग ढाई हजार वर्ष पूर्व भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था और उस समय पाटलिपुत्र आर्थिक एवं सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध था. विदेशी आक्रांताओं ने भारत की समृद्धि को नुकसान पहुंचाया. प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के माध्यम से सोने का शेर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जो पूरी दुनिया में अपनी ताकत का एहसास कराएगा. लोकतंत्र में जनता मालिक है और जनता के आशीर्वाद से ही देश एवं राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में जनता के आशीर्वाद से बिहार में एनडीए की सरकार बनने के बाद राज्य का परिदृश्य बदला. गांव-गांव तक सड़क, बिजली, पेयजल सहित बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गईं. पिछले 20 वर्षों में बिहार की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए व्यापक कार्य हुए हैं. हमारा लक्ष्य वर्ष 2030 तक बिहार में एक करोड़ लोगों को नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराना है. इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी पढ़ाई और बेहतर नौकरी के लिए बिहार के युवा देश-दुनिया में कहीं भी जाएं, लेकिन मजबूरी में किसी को रोजगार एवं जीविकोपार्जन के लिए बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े. इसके लिए राज्य में उद्योगों का जाल बिछाया जा रहा है. औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं. सोलर प्लांट, थर्मल प्लांट और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना की दिशा में तेजी से काम हो रहा है. बिहार की लगभग 14 करोड़ आबादी में युवाओं की बड़ी भागीदारी राज्य की सबसे बड़ी ताकत है. नवंबर 2030 तक एक करोड़ परिवारों को उद्योग जगत से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जो राज्य अपनी कमजोरी को ताकत में बदलता है, वही आगे बढ़ता है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री आदरणीय श्री अमित शाह जी ने देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का संकल्प लिया था और 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया था. उन्होंने अपने संकल्प को पूरा करके दिखाया. हम लोग भी संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ अपने लक्ष्यों को पूरा करने में विश्वास रखते हैं. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत जी स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे हैं. आने वाले चार वर्षों में बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को देश की सबसे अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में शामिल करने का लक्ष्य है. राज्य के जिला एवं अनुमंडल अस्पतालों से मरीजों को अनावश्यक रूप से बड़े अस्पतालों में रेफर करने की व्यवस्था समाप्त करने की दिशा में काम किया गया है. यदि कोई डॉक्टर बिना उचित कारण के मरीज को रेफर करता है तो उसे इसका कारण बताना होगा. जिला अस्पतालों में 52 प्रकार के ऑपरेशन की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल एकता के प्रतीक, भारत के निर्माता और महान महापुरुषों में से एक थे. उन्होंने देश को जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया. बिहार में अब तक स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं में सरदार वल्लभभाई पटेल जी की सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाएगी. मुख्यमंत्री ने समारोह के आयोजकों को बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं.
कार्यक्रम को स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर समारोह के आयोजक मंडल द्वारा मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर तथा पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री श्री राम कृपाल यादव, योजना एवं विकास मंत्री श्री भगवान सिंह कुशवाहा, कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ० प्रमोद कुमार, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्रीमती शीला कुमारी, विधायक श्री उपेंद्र प्रसाद, विधायक श्रीमती अश्वमेघ देवी, विधायक श्री रत्नेश कुमार, विधायक श्री अरुण माझी, विधान पार्षद श्री संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, बिहार राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष श्री रूपनारायण मेहता सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, आयोजक मंडल के सदस्य एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।