रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर झारखंड विधानसभा में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ. सत्ता पक्ष के विधायकों की ओर से किए गए हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस के विधायक प्रदीप यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी शुक्रवार को झारखंड आए थे. उन्होंने जिस तरह की बातें कीं, उतनी स्तरहीन बातें कोई पंचायत स्तर का नेता भी नहीं करता. उन्होंने पूरे झारखंड के लोगों का अपमान किया है. प्रदीप यादव ने इस मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग की.
प्रदीप यादव के बयान के समर्थन में इरफान अंसारी समेत कई विधायक वेल में घुस गए. सत्ता पक्ष के विधायकों की ओर से पीएम मोदी के बयान के विरोध में जमकर हंगामा हुआ. सत्तापक्ष के विधायकों ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है. हमारे मुख्यमंत्री को झूठे आरोपों में जेल भेज दिया गया. सत्ता पक्ष के विधायकों ने कहा कि ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स सभी एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है. विरोधियों को दबाने के लिए इनका इस्तेमाल किया जा रहा है. विधायकों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक केंद्र सरकार के खिलाफ सच बोलते हैं, तो उनके यहां सेंट्रल एजेंसी की टीम पहुंच जाती है.
इतना ही नहीं, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव ने कांग्रेस पार्टी के साथ लोकसभा चुनाव 2024 के लिए गठबंधन किया, तो उनके यहां भी सेंट्रल एजेंसी की टीम भेज दी गई. इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ. स्पीकर ने सदस्यों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं था. इसके बाद स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने विधानसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.