लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निवेश अब सिर्फ नीतियों और पोर्टलों का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नेतृत्व क्षमता और व्यक्तिगत प्रतिबद्धता से जुड़ गया है। जब मुख्यमंत्री खुद निवेशकों के सारथी बनकर आगे आते हैं, तो यह केवल प्रशासनिक संदेश नहीं होता, बल्कि एक स्पष्ट राजनीतिक और आर्थिक भरोसे की घोषणा होती है। यही वजह है कि आज उत्तर प्रदेश निवेश के नक्शे पर सिर्फ उभरता राज्य नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद डेस्टिनेशन बन चुका है।
‘सिंगल विंडो’ की सर्वोच्च गारंटी
उत्तर प्रदेश का ‘निवेश मित्र’ पोर्टल महज एक डिजिटल सिंगल विंडो सिस्टम नहीं है, बल्कि उसके पीछे मुख्यमंत्री की इच्छाशक्ति और जवाबदेही की गारंटी खड़ी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वयं आगे आकर निवेशकों से संवाद करना यह संदेश देता है कि यूपी में फाइलें सिस्टम में नहीं, बल्कि समयबद्ध फैसलों में चलती हैं। यही कारण है कि निवेशक आज यह मानकर चल रहे हैं कि यहां की गई प्रतिबद्धता सिर्फ कागजी नहीं होगी।
सिर्फ इमेज नहीं बदली, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का कायाकल्प हुआ
उत्तर प्रदेश में बदलाव केवल ब्रांडिंग या इमेज मेकओवर तक सीमित नहीं है। 34 से अधिक सेक्टोरल पॉलिसियों के साथ यूपी आज देश का इकलौता राज्य है, जहां निवेश को नीति के साथ-साथ संरक्षण भी मिलता है। मुख्यमंत्री की ‘गारंटी’ इन नीतियों को जमीन पर लागू करने की ताकत देती है। उद्योगपति इसलिए आ रहे हैं क्योंकि यहां कारोबार करना अब आसान, पारदर्शी और सुरक्षित है।
माफिया नहीं, अब मैन्युफैक्चरिंग की चर्चा
एक समय था जब उत्तर प्रदेश की पहचान अवैध कब्जों, माफिया और अराजकता से जुड़ी थी। आज वही प्रदेश बल्क ड्रग पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क और इंटरनेशनल फार्मा इंस्टीट्यूट की योजनाओं के लिए जाना जा रहा है। मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत गारंटी उस अपराध-मुक्त माहौल पर लगी ‘सील’ है, जिसने निवेशकों के मन से डर हटाकर भरोसा पैदा किया है।
‘बीमारू’ से ‘फार्मा हब’ तक का सफर
उत्तर प्रदेश को कभी ‘बीमारू राज्य’ कहा जाता था। आज वही प्रदेश फार्मा और हेल्थ सेक्टर में वैश्विक निवेशकों के लिए विकल्प बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री की बार-बार की गारंटी दरअसल दुनिया के निवेशकों को यह आश्वासन है कि यूपी अब चीन और तेलंगाना जैसे स्थापित फार्मा हब्स का विश्वसनीय विकल्प बन सकता है। नीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा तीनों मोर्चों पर एक साथ काम हो रहा है।
विश्वास की बहाली का अंतिम चरण
कोई भी बड़ी कंपनी निवेश करते समय 20 या 30 साल आगे का सोचती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पर्सनल गारंटी उसी लॉन्ग टर्म स्टेबिलिटी का भरोसा है, जो पिछली सरकारों के दौर में निवेशकों को नहीं मिल पाता था। यही वजह है कि आज यूपी में निवेश केवल अवसर नहीं, बल्कि एक सुरक्षित भविष्य का सौदा बन चुका है।