कोठी थाना क्षेत्र में तेंदुए को लेकर फैली दहशत कम नहीं हुई। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि जिस गांव में तेंदुआ देखा गया था उसके साथ ही आसपास के गांवों के खेत व जंगलों में वन विभाग की टीम ने कॉम्बिंग की मगर तेंदुआ फिर नहीं दिखा। ग्रामीणों के बीच केवल यही चर्चा हो रही है कि आखिर तेंदुआ कहां छिपा बैठा है।
कोठी क्षेत्र के ग्राम मझपुरा में सोमवार को तेंदुआ देखे जाने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस व वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से बातचीत करने के बाद पड़ताल की तो खेतों व रास्तों में पगचिह्न मिले। डीएफओ रुस्तम परवेज ने इस बात की पुष्टि की थी कि तेंदुआ के ही पगचिह्न हैं। इसके बाद तो ग्रामीणों को सजग कर दिया गया था। सभी को बताया गया था कि अकेले निर्जन स्थानों पर न जाएं।
इसे लेकर मंगलवार को भी ग्रामीणों में दहशत हावी रही। ग्रामीणों ने अपने बच्चों को घर से ज्यादा दूर नहीं जाने दिया। एहतियात बरतते हुए ग्रामीण भी खेतों में झुंड बनाकर गए। डीएफओ रुस्तम परवेज ने बताया कि तेंदुआ की तलाश में विभाग की तीन टीमें लगाई हैं। जो आठ-आठ घंटे पर कॉम्बिंग कर रही हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि तेंदुआ मझपुरा के बाद कहीं और नहीं देखा गया।