लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव से पहले विपक्षी INDIA गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने यूपी में 150 से कम सीटों पर चुनाव न लड़ने का दावा किया है, जबकि सपा के नेता कांग्रेस को गठबंधन से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक बयानबाजी से बचने की नसीहत दे रहे हैं। इस बीच भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने दोनों दलों के बीच चल रही खींचतान पर तंज कसा है।
बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस की सीटों को लेकर की जा रही दावेदारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अखिलेश के बिना सब सूना है।” उनके इस बयान को यूपी में कांग्रेस और सपा के बीच सीट बंटवारे को लेकर चल रही चर्चाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं।
कांग्रेस ने 150 से कम सीटों पर चुनाव न लड़ने का किया दावा
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के बयान के बाद INDIA गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि पार्टी के पास प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार मौजूद हैं।कांग्रेस की इस दावेदारी के बाद भाजपा सहित अन्य दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं, सपा की ओर से कांग्रेस नेताओं को गठबंधन के मुद्दे पर सार्वजनिक बयान देने से बचने की नसीहत दी जा रही है। ऐसे में चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच सीटों को लेकर सहमति बनाने की चुनौती अहम हो गई है।
राजभर ने याद दिलाया 1995 का गेस्ट हाउस कांड
सीट बंटवारे के मुद्दे पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने राजनीति में गठबंधन की संभावनाओं का जिक्र करते हुए 1995 के गेस्ट हाउस कांड की याद दिलाई। राजभर ने कहा था कि राजनीति में कभी भी कुछ भी हो सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गेस्ट हाउस कांड के बाद भी सपा और बसपा के बीच समझौता हुआ था और दोनों दलों ने चुनाव लड़ा था। उनके मुताबिक, राजनीति में पहले से यह तय नहीं किया जा सकता कि कौन-सा दल भविष्य में किसके साथ गठबंधन करेगा।
यूपी में संगठन मजबूत करने में जुटी कांग्रेस
विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपना संगठन मजबूत करने में जुटी है। पार्टी प्रदेश में ‘संगठन सृजन’ अभियान चला रही है। इसके तहत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) और राज्य स्तर पर नियुक्त पर्यवेक्षकों ने जिलों में संगठन की स्थिति की समीक्षा के लिए बैठकें की हैं। कांग्रेस के इस अभियान की निगरानी पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल कर रहे हैं। पार्टी की रणनीति प्रदेश में अपने संगठन का विस्तार करने और चुनावी तैयारियों को मजबूत बनाने की है।
कांग्रेस की ओर से जहां 150 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की दावेदारी की जा रही है, वहीं सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी रखने की बात भी कही गई है। दूसरी ओर, सपा के साथ सीट बंटवारे को लेकर अभी तस्वीर स्पष्ट नहीं है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच होने वाली बातचीत और नेताओं के बयानों पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।