उन्नाव। देश की पहली एआई ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में दो दिवसीय सीयू स्कॉलर समिट 2026 के फेज 2 का आयोजन किया गया। समिट के पहले दिन में बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित 12 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आए 750 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राएं शामिल हुए। दरअसल, यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आयोजित सीयूसीईटी (चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) के माध्यम से 50 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिप देने की घोषणा की थी। अबतक इस परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले 3000 से अधिक विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप का लाभ मिला है।

“फ्रॉम स्कॉलर टू फ्यूचर-रेडी प्रोफेशनल: एआई, एयरोस्पेस, डिफेंस एंड इंजीनियरिंग” थीम के तहत आयोजित समिट के पहले दिन अलग-अलग सत्रों में पॉलिसी मेकर्स, एजुकेशनिस्ट्स, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और सक्सेसफुल एलुमनाई ने फ्यूचर-रेडी प्रोफेशनल बनने के लिए जरूरी स्किल्स और ऑपर्च्युनिटीज़ पर चर्चा की।

समिट के पहले दिन इंजीनियरिंग और कंप्यूटिंग के 750 से अधिक विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में चीफ गेस्ट के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के वोकेशनल एजुकेशन एंड स्किल डेवलपमेंट मिनिस्टर ऑफ स्टेट (इंडिपेंडेंट चार्ज) कपिल देव अग्रवाल और गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में प्लानिंग एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन तथा आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी आईएएस आलोक कुमार शामिल हुए। इस अवसर पर विशेष तौर पर सीयू यूपी के मैनेजिंग डायरेक्टर जय इंदर सिंह संधू, प्रो. डॉ. विनीत कुमार नायर, वाइस चांसलर, सीयू यूपी समेत चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी के प्रो वाइस चांसलर प्रो डॉ टीपी सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।

कार्यक्रम में कई नामी इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स, पॉलिसी मेकर्स और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के एलुमिनाई भी शामिल हुए। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूके) के प्रो. डॉ. ल्यूक डिकेन्स और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी के प्रो. डॉ. थिपेंद्र पाल सिंह ने इंटरैक्टिव सेशन में ग्लोबल करियर ऑपर्च्युनिटीज़ पर चर्चा की। “फ्रॉम सीयू क्लासरूम्स टू ग्लोबल करियर्स” विषय पर आयोजित एलुमनाई सेशन में सक्सेसफुल एलुमनाई ने अपने अनुभव साझा किए। वहीं, यूनिवर्सिटी के सुपर अचीवर्स ने प्लेसमेंट, स्टार्टअप, रिसर्च, पेटेंट, हैकाथॉन और इंटरनेशनल अचीवमेंट्स से जुड़ी अपनी उपलब्धियों से छात्रों को अवगत कराया।

इंडस्ट्री से जुड़े विशेष सेशंस में पूर्व ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ एवं एमडी डॉ. सुधीर कुमार मिश्रा, हिताची एमजीआरएम नेट लिमिटेड के टेक्नोलॉजी लीडर मनीष पाहुजा, पीआईएसएआरवी के फाउंडर, सीईओ एवं सीटीओ अभिषेक मिश्रा और विफी टेक्नोलॉजी के को-फाउंडर एवं सीईओ विक्रम एस. ने करियर, इंडस्ट्री एक्सपेक्टेशंस, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। समिट के सेलिब्रिटी टॉक में बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता कुमुद मिश्रा ने “क्रिएटिंग योर ओन पाथ: आइडेंटिटी, ऑपर्च्युनिटी एंड सक्सेस बियॉन्ड टाइमलाइंस” विषय पर युवाओं से संवाद करते हुए अपनी अलग पहचान बनाने और ऑपर्च्युनिटीज़ का बेहतर उपयोग करने का संदेश दिया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के वोकेशनल एजुकेशन एंड स्किल डेवलपमेंट मिनिस्टर ऑफ स्टेट (इंडिपेंडेंट चार्ज) कपिल देव अग्रवाल ने कहा की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने छात्रवृत्ति देने का नया आयाम स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने 3,000 से अधिक मेधावी एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लगभग 50 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान कर यह साबित किया है कि आर्थिक संसाधनों की कमी किसी भी प्रतिभा की शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए। यह पहल केवल स्कॉलरशिप नहीं, बल्कि देश के युवाओं के सपनों और भविष्य में किया गया एक महत्वपूर्ण निवेश है। इस समिट में शिक्षा जगत, उद्योग, नीति-निर्माता और विशेषज्ञ एक मंच पर एकत्र हुए हैं, जिससे विद्यार्थियों को भविष्य की संभावनाओं और इंडस्ट्री की आवश्यकताओं को समझने का अवसर मिल रहा है। एआई, एयरोस्पेस, डिफेंस और इंजीनियरिंग जैसे भविष्य-केंद्रित क्षेत्रों पर विशेष फोकस इस समिट को समय की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज दुनिया के हर क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा है और बिना प्रतिस्पर्धा के सफलता संभव नहीं है। इसलिए युवाओं को निरंतर सीखते हुए स्वयं को नई तकनीकों और कौशल के अनुरूप तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश, जो देश की पहली निजी एआई-ऑगमेंटेड यूनिवर्सिटी है, एआई, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, एयरोस्पेस और अन्य उभरती तकनीकों पर आधारित आधुनिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को फ्यूचर-रेडी प्रोफेशनल्स बना रही है। विश्वविद्यालय की विश्वस्तरीय फैकल्टी, अत्याधुनिक कैंपस, रिसर्च और इनोवेशन आधारित शिक्षा व्यवस्था विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ग्रुप आज 50,000 से अधिक विद्यार्थियों, 28 राज्यों, 8 केंद्रशासित प्रदेशों और कई देशों के छात्रों के साथ वैश्विक शिक्षा का मजबूत उदाहरण बन चुका है। विश्वस्तरीय शिक्षा, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री पार्टनरशिप के माध्यम से यह विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश को नॉलेज इकोनॉमी का नया केंद्र बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।

अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को ऐसे युवा चाहिए जो केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि स्किल्ड, आत्मनिर्भर और उद्यमी बनकर रोजगार सृजित करें। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता के सपनों को साकार करने, निरंतर कौशल विकसित करने और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में बेटियों को भी उच्च शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के भरपूर अवसर मिल रहे हैं।
इस अवसर पर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के मैनेजिंग डायरेक्टर जय इंदर सिंह संधू ने कहा कीः आज के विद्यार्थियों के पास अवसरों की कोई कमी नहीं है। उनके भीतर मौजूद जुनून, प्रतिभा और सीखने की इच्छा उन्हें वैश्विक स्तर पर सफलता दिलाने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि यह दिन विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव मनाने का दिन है और उनके उत्साह में ही भविष्य के भारत की तस्वीर दिखाई देती है।
उन्होंने बताया कि एक वर्ष पहले चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश की स्थापना एक स्पष्ट विजन के साथ की गई थी, जिसका उद्देश्य ऐसा संस्थान विकसित करना था, जो विद्यार्थियों को मजबूत करियर, वैश्विक अवसर और इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा प्रदान करे। इसी सोच के तहत विश्वविद्यालय में एडवांस लैब्स, अत्याधुनिक जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई स्पेस और आधुनिक रिसर्च सुविधाएं विकसित की गई हैं, ताकि छात्र उभरती तकनीकों पर प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की इंडस्ट्री-ड्रिवन लर्निंग मॉडल के कारण छात्र पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक औद्योगिक अनुभव भी प्राप्त कर रहे हैं। कई विद्यार्थी पहले ही शीर्ष वैश्विक कंपनियों में इंटर्नशिप के लिए चयनित हो चुके हैं, जो विश्वविद्यालय की गुणवत्ता और उद्योग से मजबूत जुड़ाव का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि एआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ आज हर क्षेत्र को बदल रही हैं। ऐसे समय में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश देश का पहला एआई स्पेस विकसित कर छात्रों को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में उपलब्ध अवसर किसी भी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय से कम नहीं हैं। यदि छात्र उत्कृष्टता की सोच के साथ इन अवसरों का पूरा लाभ उठाएं, तो वे वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।