लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीबी जीरामजी अधिनियम को लेकर बड़ा दावा किया है। मंगलवार को लखनऊ में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि विपक्ष इस अधिनियम पर इसलिए सवाल उठा रहा है क्योंकि वह अपने पुराने कारनामों का बचाव कर रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले मनरेगा के नाम पर संसाधनों की लूट की गई, लेकिन अब इस संशोधन के बाद यही योजना विकसित भारत की आधारशिला और एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आधारभूत इकाई यानी ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए अहम कदम उठाए हैं, ताकि ‘विकसित भारत’ की अवधारणा को साकार किया जा सके। उन्होंने बताया कि ‘विकसित भारत–रोजगार व आजीविका गारंटी मिशन–ग्रामीण 2025’ पारित हो चुका है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने लंबे समय तक देश के संसाधनों को लूटा, गरीबों को भूखा रहने, पलायन और बेरोजगारी झेलने पर मजबूर किया, वही लोग आज इन सुधारों का विरोध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, ऐसे महत्वपूर्ण कानूनों का समर्थन करने के बजाय INDI गठबंधन अनावश्यक सवाल उठा रहा है, जबकि ये कदम देश, किसानों, मजदूरों और गांवों के विकास के हित में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि NDA का आभार व्यक्त करने के बजाय INDI गठबंधन खुले तौर पर अपनी पुरानी भ्रष्टाचार-समर्थक परंपराओं का बचाव कर रहा है।