लखनऊ। योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि जांच रिपोर्ट मिलते ही सरकार ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी थी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जन आस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।
देवरिया में 456 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट मानना है कि जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है और “दूध का दूध और पानी का पानी” किया जाएगा।
सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय में कुछ लोग भगवान राम के अस्तित्व को ही नकारते थे और राम मंदिर निर्माण के खिलाफ अदालतों में लगातार पक्ष रखते रहे। वहीं, उनके अनुसार आज वही लोग आस्था की बात कर रहे हैं, जो पहले भगवान राम के नाम पर राजनीति करते थे।
उन्होंने कहा कि अयोध्या केवल एक शहर नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है और इसके सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जैसे ही उन्हें कथित अनियमितताओं की जानकारी मिली, वैसे ही एसआईटी के गठन के निर्देश दिए गए और जांच को आगे बढ़ाया गया।
अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम योगी ने कहा कि दिल्ली की जनता ने उन्हें कई अवसर दिए, लेकिन वहां अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। उन्होंने दावा किया कि यदि दिल्ली में भी इसी तरह विकास मॉडल अपनाया जाता तो स्थिति बेहतर हो सकती थी।
मोहर्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीएम योगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अराजकता या उपद्रव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कानून अपना काम करेगा। फिलहाल मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है और जांच एजेंसियां पूरे प्रकरण की पड़ताल में जुटी हुई हैं।