गाजियाबाद| यहां एक अनूठे मामले में उत्तर प्रदेश एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने गाजियाबाद के कविनगर क्षेत्र में एक कथित फर्जी दूतावास का पर्दाफाश करते हुए आरोपी हर्ष वर्धन जैन को गिरफ्तार किया है।
हर्ष वर्धन खुद को वेस्ट आर्कटिक, सबोरगा, पोल्विया और लोडोनिया जैसे कम चर्चित या काल्पनिक देशों का राजदूत बताकर लोगों को गुमराह करता था। वह वर्षों से किराए के मकान में एक नकली दूतावास संचालित कर रहा था और आम लोगों को प्रभाव में लेने के लिए प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य हस्तियों के साथ फोटोशॉप की गई तस्वीरों का इस्तेमाल करता था।
एसटीएफ की छापेमारी में उसके ठिकाने से भारी मात्रा में नकली दस्तावेज, विदेशी मुद्राएं और नकदी जब्त की गई। टीम को उसके पास से डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी चार गाड़ियां, बारह फर्जी राजनयिक पासपोर्ट, विदेश मंत्रालय की नकली सील लगे दस्तावेज, दो जाली पैनकार्ड, कई प्रेस कार्ड, विदेशी मुद्रा और करीब 44.70 लाख रुपये नकद मिले।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का नेटवर्क सिर्फ दिखावे तक सीमित नहीं था, बल्कि वह अंतरराष्ट्रीय हवाला कारोबार और विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर दलाली का भी काम करता था। उसने कई निजी व्यक्तियों से मोटी रकम वसूल कर उन्हें नौकरी दिलाने का झांसा दिया था।
इतना ही नहीं, उसके संबंध कथित अंतरराष्ट्रीय हथियार डीलरों जैसे अदनान खगोशी जैसे विवादित नामों से भी रहे हैं। वर्ष 2011 में भी उसके पास से अवैध सैटेलाइट फोन मिलने पर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। फिलहाल, आरोपी के खिलाफ कविनगर थाना, गाजियाबाद में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। STF इस पूरे रैकेट की गहराई से जांच कर रही है।