अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी और चोरी से जुड़े मामले में तीन आरोपियों को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत ने अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अब तीनों आरोपी जमानत के लिए हाई कोर्ट का रुख करेंगे। इस मामले में 22 सितंबर को अदालत में सुनवाई हुई थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला
आरोपियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता कुल शेखर सिंह ने बताया कि 22 सितंबर को तीनों आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिकाएं खारिज कर दीं। वकील के मुताबिक, अब आरोपियों की ओर से हाई कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की जाएगी।
तीन अन्य आरोपियों की याचिकाएं भी खारिज
इस मामले में इससे पहले तीन अन्य आरोपियों को भी कोर्ट से राहत नहीं मिली थी। अधिवक्ता कुल शेखर सिंह के अनुसार, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव और राम शंकर मिश्रा की जमानत याचिकाएं 21 सितंबर 2026 को खारिज कर दी गई थीं। इस तरह अब तक छह आरोपियों की जमानत याचिकाएं निचली अदालत से खारिज हो चुकी हैं।
दो आरोपियों की जमानत पर आज सुनवाई
मामले में कुल आठ आरोपियों का जिक्र किया गया है। इनमें सुभाष चंद और टिन्नू यादव की जमानत याचिकाओं पर 23 सितंबर को सुनवाई होनी है। आरोपियों के वकील का कहना है कि यदि उनकी याचिकाएं भी खारिज होती हैं तो सभी आरोपी जमानत के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
क्या है राम मंदिर चढ़ावा गड़बड़ी का मामला?
अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे और दान की रकम में कथित अनियमितता का मामला 2026 में सामने आया था। आरोप लगा कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी की गई। मामले की जांच के दौरान कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई और कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई। मामला सामने आने के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठे। इस प्रकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई थी।
SIT जांच पूरी, चार्जशीट की तैयारी
इस मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा भी की गई है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, SIT ने अपनी जांच पूरी कर ली है और 25 सितंबर तक मामले में चार्जशीट दाखिल किए जाने की संभावना है। अब आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अदालत के फैसले के साथ-साथ संभावित चार्जशीट पर भी नजर बनी हुई है। मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में हाई कोर्ट में दाखिल होने वाली जमानत याचिकाएं अहम होंगी।