कोठी के मचपुरा गांव में तेंदुआ का जोड़ा दिखने से ग्रामीणों में दहशत है। गीली मिट्टी पर मिले पग चिन्ह से वन विभाग ने तेंदुआ होने की पुष्टि भी की है।वनकर्मी पुलिस व ग्रामीण के साथ कांबिंग कर रही है। उधर, घुंघटेर थाना के पीरनगर में तेंदुआ दिखने और नीलगाय के बच्चे पर हमले की घटना से सनसनी फैली हुई है। हालांकि वन विभाग ने वहां तेंदुआ होने से इन्कार किया है।
कोठी थाना के ग्राम मचपुरा में सोमवार सुबह गांव के बाहर तेंदुआ का जोड़ा देखा गया। गांव के इसरार अहमद और रामू वर्मा शौच के लिए गए थे। यहां दोनों ने धान के पुआल पर दो तेंदुआ देखे तो उनके होश उड़ गए। घबराकर गांव पहुंचे और लोगों को बताया। इस पर कई ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर पहुंचे तो तेंदुआ वहां से जा चुके थे। सूचना के घंटों बाद पहुंचे वनकर्मियों ने खेत की गीली मिट्टी में मिले पगचिन्ह लिए। मामले की जानकारी उच्चाधिकारी और पुलिस को दी गई।
वन रेंजर हरख संजय श्रीवास्तव व वन दारोगा वीर भगत और एसओ कोठी संजीत कुमार सोनकर भी पुलिस बल के साथ पहुंचे। दोपहर तक टीमें व ग्रामीण कंबिंग करते रहे। डीएफओ रुस्तम परवेज ने बताया कि पगचिन्ह तेंदुआ के ही हैं, लेकिन एक है अथवा अधिक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। टीम को मुस्तैद कर दिया गया है और ग्रामीणों को सर्तक व जागरूक किया जा रहा है। कुछ किमी दूर सुबेहा के जंगल से इसके आने की आशंका है क्योंकि कई बार तेंदुआ की उपस्थिति वहां मिली है।