नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू के अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट हरजीत सिंह जसपाल के समक्ष छह महिला पहलवानों ने कहा कि भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के तत्कालीन प्रमुख और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने सांस लेने के पैटर्न की जांच करने के बहाने उनकी छाती को छुआ था। सभी महिला पहलवानों ने आरोपी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
महिला पहलवानों की और से पेश वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन ने दलील दी कि महिला पहलवानों के बयानों और दस्तावेजों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं। सभी महिला शिकायतकर्ताओं ने आरोपी के रूप में बृज भूषण की ओर इशारा किया है।
गवाहों के बयानों से उनके बयानों की पुष्टि हुई। बयान से यह स्थापित होता है कि बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 के तहत यौन उत्पीड़न का अपराध बनता है। दिल्ली पुलिस यौन उत्पीड़न के मामले में भाजपा सांसद के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर चुकी है। अब मामला आरोप तय करने के बहस के चरण में है।
सभी छह महिलाओं ने अदालत को बताया कि आरोपी ने उनकी सांसों की जांच करने के बहाने उनकी टी-शर्ट में अपना हाथ डाला और उनकी सहमति के बिना उनके निजी अंगों को हाथ लगाया। उन्होंने तर्क दिया कि इन महिलाओं ने अपनी परेशानी के बारे में बात की थी। उन्होंने कभी भी पुरुष पहलवानों के साथ ऐसा नहीं किया। इससे आपराधिक बल और हमले की परिभाषा पूरी होती है। ब्रज भूषण न तो डॉक्टर हैं और न ही ऐसा करने के लिए अधिकृत।
ट्वीट करने पर दी थी धमकी
उन्होंने एक और घटना का भी जिक्र किया। इसमें आरोपी ने डब्ल्यूएफआई कार्यालय में शिकायतकर्ताओं में से एक को उस ट्वीट पर धमकी दी थी जो उसने फ्रांस में खेल में खराब प्रदर्शन के बाद पोस्ट किया था। ट्वीट में खिलाड़ी ने टीम को आवश्यक सुविधाएं प्रदान नहीं करने की बात कही थी।