भोपाल। मध्य प्रदेश में इस समय नाम बदलने की राजनीति चल रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2 सप्ताह के भीतर दो जनसभाओं में करीब 14 क्षेत्रों के नाम बदल दिए हैं। हालांकि, अब एक हिंदू संगठन ने सीएम को 55 क्षेत्रों के नामों की सूची भेजी है। उनकी मांग है कि इन क्षेत्रों के नामों को भी बदला जाए क्योंकि यह आक्रांताओं की गुलामी का प्रतीक है। हिंदू संगठन ने राजधानी भोपाल, रायसेन सहित अन्य जिलों के क्षेत्रों के नामों की सूची भेजी है।
सूची में शामिल इन जगहों के नाम
सीएम मोहन यादव को भेजी गई सूची में भोपाल का शाहजहांनाबाद, पीरगेट, जहांगीराबाद, ईदगाह हिल्स, हलाली डैम, बरखेड़ी, पिपलिया जाहर पीर, मुबारकपुर, उमरावगंज, सलामतपुर, शाहबाद, आलमपुर का नाम शामिल है। वहीँ, रायसेन जिले के गोहरगंज, नीरगंज, बेगमगंज, गैरतगंज, औबेदुल्लागंज, सुल्तानपुर के नाम को बदलने की मांग की गई है। बता दें कि, भाजपा सांसद अनिल फिरोजिया और महाकाल मंदिर के पुजारी ने भी कुछ दिन पहले उज्जैन स्थित अंडा गली, बेगम बाघ सहित 3 क्षेत्रों के नाम बदलने की मांग की थी।
मुख्यमंत्री ने बदले 14 नाम
सबसे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने गृह जिले उज्जैन के तीन पंचायतों के नाम बदले थे। उन्होंने गजनी खेड़ी गांव का नाम मां चामुंडा नगरी, जहांगीरपुर का नाम बदलकर जगदीशपुर और मौलाना गांव का नाम बदलकर विक्रम नगर कर दिया था।
इसके बाद रविवार को उन्होंने शाजापुर जिले के 11 गावों के नाम बदल दिया था। सीएम ने मोहम्मदपुर मछनाई का नाम मोहनपुर, ढाबला हुसैनपुर का नाम ढाबला राम, मोहम्मदपुर पवाड़िया का नाम रामपुर पवाड़िया, खजूरी अलाहदाद का नाम खजूरी राम, हाजीपुर का नाम हीरापुर गांव, निपानिया हिसामुद्दीन का नाम निपानिया देव, रीछड़ी मुरादाबाद का नाम रिछड़ी, खलीलपुर का नाम रामपुर, घट्टी मुख्तयारपुर का नाम घट्टी और ऊंचोद का नाम ऊंचावद कर दिया था।