अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी अंतरिम रिपोर्ट पेश करेगी। सूत्रों के अनुसार, शीर्ष अदालत के निर्देश पर यह रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी। बताया जा रहा है कि एसआईटी ने अंतिम जांच रिपोर्ट तैयार करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से अतिरिक्त समय मांगा है। जांच अभी जारी है और कुछ अहम बिंदुओं का सत्यापन बाकी है। इनके पूरा होने के बाद ही अंतिम रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
जांच के दौरान एसआईटी ने चढ़ावे की गणना प्रणाली, कथित वित्तीय अनियमितताओं, आरोपियों की भूमिका, बैंकिंग लेनदेन और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की है। हाल ही में आरोपियों की कस्टडी रिमांड के दौरान हुई पूछताछ और बरामदगी से कई नए सुराग मिले हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है।
गौरतलब है कि एसआईटी 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप चुकी है। सूत्रों के मुताबिक जांच में राम मंदिर की प्रशासनिक, वित्तीय और संचालन व्यवस्था से जुड़ी पांच बड़ी खामियां सामने आई हैं। रिपोर्ट में दानराशि की सुरक्षा, नियुक्ति प्रक्रिया, खरीद व्यवस्था और प्रसाद वितरण प्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। जांच में यह भी पाया गया कि श्रद्धालुओं के चढ़ावे को मंदिर परिसर से बैंक तक पहुंचाने और गणना कक्ष में उसकी गिनती के दौरान सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी। एसआईटी का मानना है कि दानराशि प्रबंधन प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता है।