नई दिल्ली। चंपाई सोरेन के 22 वर्षीय पोते वीर सोरेन की मनाली में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना सोमवार की है। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं और पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
घूमने आए थे मनाली
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वीर सोरेन अपने मित्र अग्नय वर्मा (निवासी उत्तर प्रदेश) के साथ 22 फरवरी को मनाली घूमने पहुंचे थे। वे सिमसा इलाके के एक होमस्टे में ठहरे हुए थे। 23 फरवरी को सभी दोस्त सोलंग और सेथन क्षेत्र में घूमने गए और शाम को वापस लौट आए।
सोमवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे घूमकर लौटने के बाद वीर आराम करने लगे। कुछ देर बाद उन्होंने सिर में तेज दर्द की शिकायत की। दोस्तों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए दवा मंगवाकर दी। इसी बीच दोपहर लगभग ढाई बजे कमरे से गिरने की आवाज सुनाई दी। साथी अंदर पहुंचे तो वीर बिस्तर से नीचे गिरे पड़े थे।
अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत
मित्रों ने तुरंत उन्हें सिविल अस्पताल मनाली पहुंचाया। रास्ते में उनके मुंह से झाग निकलने लगा था। अस्पताल में डॉक्टरों ने काफी देर तक सीपीआर देकर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
सूचना मिलते ही चंपाई सोरेन मनाली पहुंचे। बताया जा रहा है कि वे किराये के हेलीकॉप्टर से वहां पहुंचे थे और बाद में पार्थिव शरीर को अपने साथ ले गए। परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके चलते मौत के कारणों पर अभी संशय बना हुआ है। डीएसपी मनाली केडी शर्मा के अनुसार, प्रथम दृष्टया शरीर पर किसी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।