देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। लंबे समय से वित्तीय संकट से जूझ रही Jaiprakash Associates Limited (जेपी एसोसिएट्स) की कमान अब Adani Group के हाथों में जाने वाली है। कंपनी के फाउंडर Jaiprakash Gaur ने इस फैसले पर सहमति जताते हुए भरोसा व्यक्त किया है कि समूह कंपनी की विरासत को आगे बढ़ाएगा।
जयप्रकाश गौड़ ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि Gautam Adani के नेतृत्व में कंपनी नई ऊर्जा, जिम्मेदारी और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बदलाव से होमबायर्स, कर्मचारियों और निवेशकों सहित सभी स्टेकहोल्डर्स को लाभ मिलेगा।
कंपनी के कर्जदाताओं की समिति (CoC) ने अडानी ग्रुप को सफल रेजोल्यूशन एप्लिकेंट घोषित किया है। गौड़ ने इस निर्णय का सम्मान करते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रही। हालांकि इस दौरान कानूनी विवाद भी सामने आए। Vedanta Group ने दावा किया था कि उसकी बोली अधिक थी और प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही। इसके बावजूद कर्जदाताओं ने अडानी ग्रुप के प्रस्ताव को बेहतर माना, क्योंकि उसमें अधिक नकद राशि, तेज भुगतान और प्रोजेक्ट्स को जल्दी पूरा करने की क्षमता शामिल थी।
इस बीच, Supreme Court of India ने भी अडानी ग्रुप के टेकओवर पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिससे इस डील को और मजबूती मिली। 1979 में स्थापित जेपी एसोसिएट्स ने देश में कई बड़े प्रोजेक्ट्स विकसित किए हैं, जिनमें Buddh International Circuit, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स, सीमेंट प्लांट्स और बड़े टाउनशिप शामिल हैं। कंपनी के प्रमुख रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में जयपी विश टाउन, जयपी ग्रीन्स और जयपी स्पोर्ट्स सिटी जैसे नाम शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारी कर्ज और वित्तीय दबाव के कारण कंपनी को दिवालिया प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। अब इस रेजोल्यूशन के जरिए कर्ज का समाधान कर कंपनी के ऑपरेशंस को नए मालिक के तहत जारी रखने की तैयारी है।