पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने पद संभालते ही प्रशासनिक स्तर पर कई अहम फैसले लिए हैं। शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों बाद राज्य सचिवालय नबन्ना में अधिकारियों और पुलिस प्रशासन के साथ बैठक कर उन्होंने कानून-व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया और अवैध गतिविधियों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने धार्मिक स्थलों पर लगाए जाने वाले लाउडस्पीकर की आवाज तय सीमा में रखने को कहा है। साथ ही सार्वजनिक रास्तों को बाधित करने वाली गतिविधियों पर भी नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि नियम सभी समुदायों पर समान रूप से लागू हों।
कई फैसलों पर शुरू हुई बहस
सरकार के इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। Nakhoda Mosque से जुड़े ट्रस्ट प्रतिनिधियों ने कहा कि कानून का पालन बिना भेदभाव के होना चाहिए। वहीं कुछ शिक्षाविदों ने सार्वजनिक स्थानों पर ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के कदम का समर्थन किया है।
चुनावी हिंसा के मामलों की फिर होगी जांच
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव के बाद हुई हिंसा और जबरन वसूली के मामलों की नए सिरे से जांच कराने का आदेश भी दिया है। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि पुराने मामलों की समीक्षा कर जरूरी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ भी अभियान चलाने को कहा गया है।
सरकार के प्रमुख फैसले
सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 से बढ़ाकर 45 वर्ष की गई
1 जून से महिलाओं के लिए निजी बसों में मुफ्त यात्रा की घोषणा
कोयला, रेत और पत्थर के अवैध खनन पर सख्ती
सांप्रदायिक हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश
पशु तस्करी और अवैध बूचड़खानों पर रोक लगाने की तैयारी
महिलाओं से जुड़े गंभीर अपराधों के मामलों की दोबारा समीक्षा के आदेश