उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में मादक पदार्थ तस्करों और पुलिस के बीच देर रात हाईवोल्टेज पीछा, घेराबंदी और मुठभेड़ का मामला सामने आया है। पुलिस से बचने के लिए तस्करों ने तेज रफ्तार कार दौड़ाई, पुलिस वाहनों को टक्कर मारी और पीछा कर रही टीम को भ्रमित करने के लिए रास्ते में नोटों की गड्डियां तक फेंक दीं। हालांकि, करीब दो घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद पुलिस ने एक आरोपी को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका साथी फरार हो गया।
चेकिंग के दौरान शुरू हुआ पीछा
जिले में अपराधियों और मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चोपन थाना पुलिस, रॉबर्ट्सगंज पुलिस और विशेष अभियान दल की संयुक्त टीम वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध होंडा सिटी कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन लेकर भाग निकला। इसके बाद पुलिस ने पीछा शुरू किया, जो कई किलोमीटर तक जारी रहा। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के अनुसार, यह अभियान रात करीब दो बजे शुरू हुआ और सुबह चार बजे तक चला।
पुलिस को भटकाने के लिए फेंके नोट
भाग रहे तस्करों ने पुलिस का पीछा छुड़ाने के लिए कई हथकंडे अपनाए। उन्होंने पुलिस वाहनों को टक्कर मारी और रास्ते में नोटों की गड्डियां फेंककर पुलिस का ध्यान भटकाने की कोशिश की। लेकिन पुलिस टीम ने रुपये बटोरने के बजाय अपराधियों को पकड़ने पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा।
स्थानीय नागरिक ने बढ़ाया पुलिस का साथ
ऑपरेशन के दौरान सलखन क्षेत्र में विशेष अभियान दल का वाहन खराब हो गया। ऐसे में स्थानीय निवासी प्रदीप कुमार मोदनवाल ने अपनी निजी कार तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराई, जिससे पीछा जारी रखा जा सका। तस्करों ने इस वाहन को भी टक्कर मारकर पुलिस को रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने अभियान जारी रखा और अंततः विरंजुआ क्षेत्र में आरोपियों की घेराबंदी कर दी।
फायरिंग के बाद एक तस्कर गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, खुद को चारों ओर से घिरा देखकर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी आत्मरक्षा के तहत गोली चलाई। इस दौरान पंजाब के लुधियाना निवासी 27 वर्षीय प्रिंस के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि उसका दूसरा साथी अंधेरे और पहाड़ी इलाके का फायदा उठाकर फरार हो गया। उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
लाखों रुपये के मादक पदार्थ बरामद
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से तीन किलोग्राम अफीम, 225 किलोग्राम डोडा, एक होंडा सिटी कार, एक अवैध तमंचा, एक खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, बरामद मादक पदार्थों और अन्य सामान की कुल कीमत लगभग 58 लाख 75 हजार रुपये आंकी गई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह झारखंड के डाल्टनगंज क्षेत्र से मादक पदार्थ लाकर विभिन्न राज्यों में सप्लाई करता था। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी है।
साहस दिखाने वाले नागरिक को मिलेगा सम्मान
इस पूरे अभियान में सहयोग देने वाले स्थानीय निवासी प्रदीप कुमार मोदनवाल की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने उन्हें 10 हजार रुपये नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि नागरिक के सहयोग से अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देने में महत्वपूर्ण मदद मिली। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।