हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और चंडीगढ़ में हत्या, लूट और फिरौती जैसे संगीन मामलों में वांछित मोस्ट वांटेड गैंगस्टर वेंकटेश गर्ग को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है। दो लाख रुपये के इनामी वेंकटेश गर्ग को जॉर्जिया से प्रत्यर्पण के बाद गुरुवार सुबह भारत लाया गया, जहां पहुंचते ही उसे हिरासत में ले लिया गया। वेंकटेश गर्ग हरियाणा के अंबाला जिले के नारायणगढ़ का निवासी है। उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में हत्या, रंगदारी, लूट और संगठित अपराध से जुड़े 12 से अधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से एसटीएफ की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, वेंकटेश गर्ग जॉर्जिया में छिपकर कुख्यात कपिल सांगवान गैंग के लिए काम कर रहा था। वहां से वह सोशल मीडिया के जरिए शूटरों की भर्ती करता था और कथित तौर पर रंगदारी वसूली के नेटवर्क का संचालन कर रहा था। भारतीय एजेंसियों की सूचना पर उसे नवंबर 2025 में जॉर्जिया में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हुई।
वेंकटेश गर्ग का नाम गुरुग्राम के बसपा नेता हरबिलास रज्जूमाजरा हत्याकांड में भी सामने आया था। 24 जनवरी 2025 को नारायणगढ़ में रज्जूमाजरा पर उस समय ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी, जब वह अपने दो साथियों के साथ कार में सफर कर रहे थे। हमले में रज्जूमाजरा की मौत हो गई थी, जबकि उनके साथी पुनीत भी गोली लगने से घायल हुए थे।
हत्या के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दो दिन बाद मुलाना क्षेत्र में सागर नामक एक आरोपी का एनकाउंटर किया था। हालांकि, वेंकटेश गर्ग फरार होकर जॉर्जिया पहुंच गया था और वहीं से अपना आपराधिक नेटवर्क संचालित करने लगा। एसटीएफ अब वेंकटेश गर्ग को अदालत में पेश करेगी और उससे पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग करेगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी से कई संगठित अपराधों, रंगदारी नेटवर्क और गैंग गतिविधियों से जुड़े अहम खुलासे हो सकते हैं।