ओमान के तट के पास गुरुवार को भारतीय क्रू वाले मालवाहक जहाज MT जलवीर पर हमला होने की खबर सामने आई है। हमले के बाद जहाज में आग लग गई, जिसके बाद हालात को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले होर्मुज स्ट्रेट के पास तेल टैंकर MT सेत्तेबेल्लो पर हुए अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी। केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मृतकों में से दो के शव बरामद कर लिए गए हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, MT सेत्तेबेल्लो पर सवार 24 भारतीयों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि तीन लोग लापता थे। बाद में उनके मृत होने की पुष्टि हुई।
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को लगातार दूसरे दिन दोनों देशों के बीच हमले जारी रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों पर 49 टॉमहॉक मिसाइलें दागीं और लड़ाकू विमानों के जरिए भी कई हमले किए। MT सेत्तेबेल्लो पर हुए हमले को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। नई दिल्ली ने देश में मौजूद अमेरिका के वरिष्ठतम राजनयिक को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई।
वहीं, अमेरिका ने अपने बचाव में कहा कि टैंकर पर किया गया हमला “सटीक कार्रवाई” थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, जहाज ने कथित तौर पर अमेरिकी सैन्य निर्देशों का पालन नहीं किया था। अमेरिका ने दावा किया कि यह कार्रवाई ईरानी तेल आपूर्ति नेटवर्क को निशाना बनाने वाले उसके समुद्री अभियानों का हिस्सा थी। लगातार बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और समुद्री मार्गों पर हो रहे हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।