पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को पीलीभीत दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 600 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 4693 विस्थापित परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र भी वितरित किए। इनमें बड़ी संख्या उन परिवारों की बताई जा रही है, जो वर्षों पहले बांग्लादेश से भारत आए थे।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ विरासत और मानवीय संवेदनाओं को भी आगे बढ़ाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को भूमि और नागरिकता से जुड़े अधिकार मिले हैं, उनके लिए यह सम्मान और सुरक्षा का नया अध्याय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों पहले विस्थापित होकर आए हिंदू, बौद्ध और जैन परिवारों को अब स्थायी पहचान और अधिकार मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रमाण पत्र मिलने के बाद अब कोई भी उन्हें बाहरी नहीं कह सकेगा। योगी आदित्यनाथ ने इस पहल का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दिया।
सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश विभाजन और उससे जुड़े हालातों के लिए कांग्रेस जिम्मेदार रही है। योगी ने कहा कि यदि उस समय का नेतृत्व दृढ़ता दिखाता तो लाखों लोगों को अपनी पैतृक भूमि छोड़ने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता।
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने गरीबों, पिछड़ों और विस्थापितों की समस्याओं की अनदेखी की। उन्होंने बिना नाम लिए विपक्षी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें जनता की समस्याओं से ज्यादा अपनी दिनचर्या की चिंता हो, वे गरीबों का दर्द नहीं समझ सकते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार हर वर्ग के सम्मान, सुरक्षा और विकास के लिए काम कर रही है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और लाभार्थी मौजूद रहे।