पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बहुचर्चित बारुईपुर रेप और मर्डर केस में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले का मुख्य आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात आरोपी को क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए घटनास्थल पर ले जाया गया था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्टल छीन ली और पुलिस पर फायरिंग करने की कोशिश की।
बारुईपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) के अनुसार, पुलिस ने पहले आरोपी को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन जब वह नहीं रुका और गोली चलाने की कोशिश की, तो जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग की। गोली लगने से प्रभास मंडल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
यह मामला रविवार (5 जुलाई) को सामने आया था, जब बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची का शव उसके घर के पास स्थित एक तालाब से बरामद हुआ। परिजनों का आरोप है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई और सबूत छिपाने के लिए शव को बोरी में भरकर तालाब में फेंक दिया गया। जानकारी के अनुसार, बच्ची शनिवार शाम अपनी सहेली के जन्मदिन के लिए उपहार खरीदने निकली थी, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटी। अगले दिन उसका शव मिलने के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने संदेह के आधार पर एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। वहीं, पुलिस ने सोमवार को प्रभास मंडल सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि तीन अन्य लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच जारी होने की बात कह रही है। एनकाउंटर की परिस्थितियों की भी नियमानुसार जांच की जाएगी।