नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने इसे छात्रों के संघर्ष की शुरुआती जीत बताया है। पार्टी का कहना है कि उनका आंदोलन यहीं समाप्त नहीं होगा, बल्कि अब देशभर में युवाओं के मुद्दों को लेकर अभियान चलाया जाएगा और सरकार से जवाबदेही की मांग जारी रहेगी।
‘यह तो सिर्फ शुरुआत है’
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा आंदोलन की पहली सफलता है, लेकिन अभी कई मुद्दों पर लड़ाई बाकी है। उन्होंने कहा कि देश का युवा अब अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो चुका है और आने वाले समय में युवाओं की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती से उठाया जाएगा। सौरव ने कहा कि संगठन अलग-अलग राज्यों में जाकर छात्रों और युवाओं की समस्याएं सुनेगा तथा उनके समाधान के लिए नीतिगत मांगें सरकार के सामने रखेगा।
‘मांगें नहीं मानी गईं तो फिर होगा आंदोलन’
सौरव दास ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नए शिक्षा मंत्री छात्रों की समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाते हैं तो युवा फिर से जंतर-मंतर पर जुटेंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
’37 दिन का संघर्ष रंग लाया’
पार्टी के नेता आशुतोष रांका ने कहा कि करीब 37 दिनों तक चले आंदोलन के बाद छात्रों की आवाज सुनी गई है। उनके मुताबिक, यह उन लाखों अभ्यर्थियों की लड़ाई थी, जिनका भविष्य कथित पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान छात्रों ने अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया, जिसका असर अब दिखाई दे रहा है।
आगे क्या होगा?
आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन अब केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों को भी राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि CJP देशभर में जाकर युवाओं से संवाद करेगा और उनकी समस्याओं को सरकार के सामने मजबूती से रखने का अभियान जारी रखेगा।