लखनऊ। उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा छोड़ने के बाद अब राजनीति में उतरने का ऐलान कर दिया है। 2013 बैच की अधिकारी रहीं दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया है कि वह फिलहाल किसी राजनीतिक दल से जुड़कर नहीं, बल्कि सीधे आम लोगों के साथ मिलकर अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करेंगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए यहीं से जनता से जुड़े मुद्दे उठाने की बात कही है।
वीडियो संदेश के जरिए किया ऐलान
दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए वीडियो संदेश में अपने अगले कदम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझना और उन मुद्दों को उठाना है, जिन पर अक्सर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने साफ किया कि वह किसी मौजूदा राजनीतिक पार्टी के साथ जुड़ने के बजाय नागरिकों के साथ मिलकर काम करेंगी। उनके मुताबिक, राजनीति का मकसद केवल किसी व्यक्ति या नेता को बदलना नहीं, बल्कि काम करने के तरीके में बदलाव लाना होना चाहिए।
लोगों से जुड़ने के लिए साझा किया संपर्क
पूर्व आईएएस अधिकारी ने अपने संदेश में लोगों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने संपर्क नंबर और व्हाट्सऐप की जानकारी साझा करते हुए कहा कि जो लोग उनकी सोच से सहमत हैं, वे उनसे जुड़ सकते हैं और इस पहल में भागीदारी कर सकते हैं। हालांकि, दिव्या मित्तल ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह भविष्य में कोई राजनीतिक संगठन बनाएंगी या किसी चुनाव में उम्मीदवार के तौर पर उतरेंगी। फिलहाल उनकी योजना स्वतंत्र रूप से लोगों के बीच काम करने की है।
30 अगस्त को दिया था इस्तीफा
दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया था। उनका इस्तीफा सितंबर में स्वीकार कर लिया गया, जिसके साथ ही प्रशासनिक सेवा में उनका करीब 13 साल का सफर समाप्त हो गया। इस्तीफे के बाद उनके अगले कदम को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब उन्होंने राजनीति में सक्रिय होने की घोषणा कर उन चर्चाओं पर विराम लगा दिया है।
IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु से की पढ़ाई
हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली दिव्या मित्तल ने आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई की है। सिविल सेवा में आने से पहले उन्होंने लंदन में काम किया था। यूपीएससी परीक्षा में दूसरे प्रयास में सफलता हासिल करने के बाद वह 2013 बैच की आईएएस अधिकारी बनीं।
उत्तर प्रदेश में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया में जिलाधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाली। मिर्जापुर में उनके कार्यकाल के दौरान दूरस्थ लहुरिया दह गांव तक पाइपलाइन के जरिए पेयजल पहुंचाने की पहल भी चर्चा में रही।
प्रशासनिक अनुभव को राजनीति में लाने की तैयारी
दिव्या मित्तल ने अपने इस्तीफे से जुड़े संदेश में किसानों, जमीन के अधिकारों से जुड़े मामलों और दिव्यांग लोगों के साथ काम करने के अनुभवों का जिक्र किया था। उनका कहना रहा है कि प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्हें यह समझने का मौका मिला कि सरकारी फैसलों का असर सीधे आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है।
उनकी राजनीतिक पारी की शुरुआत ऐसे समय हो रही है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। हालांकि, दिव्या मित्तल ने अपने चुनाव लड़ने, किसी सीट का चयन करने या भविष्य की राजनीतिक रणनीति को लेकर फिलहाल कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।