विशेष अदालत ने आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), हत्या, आपराधिक साजिश, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं। अदालत के इस आदेश के बाद अभियोजन पक्ष अपने साक्ष्य पेश करेगा और मामले की विधिवत सुनवाई शुरू होगी।
एंटीलिया के बाहर मिली थी विस्फोटकों से भरी SUV
यह मामला 25 फरवरी 2021 का है, जब उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास ‘एंटीलिया’ के बाहर विस्फोटकों से लदी एक स्कॉर्पियो कार बरामद हुई थी। कार के भीतर जिलेटिन की छड़ें और धमकी भरा पत्र मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थीं और पूरे देश में इस घटना ने सनसनी फैला दी थी।
घटना के कुछ ही दिनों बाद स्कॉर्पियो के मालिक कारोबारी मनसुख हिरन का शव ठाणे के पास एक खाड़ी से बरामद हुआ। इसके बाद मामला केवल विस्फोटक बरामदगी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हत्या और कथित साजिश की दिशा में जांच आगे बढ़ी।
NIA जांच में सामने आई साजिश की कहानी
मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई। जांच एजेंसी ने दावा किया कि मनसुख हिरन की हत्या एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। एजेंसी के अनुसार, सचिन वाझे ने एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से भरी स्कॉर्पियो खड़ी कराने में अहम भूमिका निभाई थी।
NIA का आरोप है कि पूरी साजिश का उद्देश्य प्रभावशाली लोगों में भय का माहौल बनाना और उससे कथित तौर पर उगाही करना था। जांच के दौरान पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा सहित कई पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
10 हजार पन्नों की चार्जशीट के बाद अब ट्रायल
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सितंबर 2021 में करीब 10 हजार पन्नों की विस्तृत चार्जशीट विशेष अदालत में दाखिल की थी। इसमें कुल 10 लोगों को आरोपी बनाया गया था। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।
अदालत के इस फैसले के बाद अब ट्रायल के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष अपने-अपने साक्ष्य और दलीलें पेश करेंगे। यह मामला देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और इसकी सुनवाई पर लंबे समय से सभी की नजर बनी हुई है।
घटनाक्रम एक नजर में
- 17 फरवरी 2021: मनसुख हिरन की स्कॉर्पियो कथित रूप से चोरी हुई।
- 18 फरवरी 2021: वाहन चोरी की शिकायत विक्रोली पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई।
- 25 फरवरी 2021: एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से भरी स्कॉर्पियो बरामद हुई।
- 5 मार्च 2021: मनसुख हिरन का शव ठाणे की खाड़ी से मिला।
- 8 मार्च 2021: केंद्र सरकार ने मामले की जांच NIA को सौंपी।
- 13 मार्च 2021: सचिन वाझे गिरफ्तार किए गए।
- अप्रैल-जून 2021: प्रदीप शर्मा सहित कई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
- 3 सितंबर 2021: NIA ने विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
- अब: विशेष NIA अदालत ने सभी 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर ट्रायल का रास्ता साफ कर दिया।