मुंबई: शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर मुंबई पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने प्रदर्शन के आयोजकों और 400 से 500 अज्ञात समर्थकों एवं प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी, इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग वहां जुटे और प्रदर्शन किया। यह मामला शनिवार को शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं। फिलहाल मामले में किसी गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है और पुलिस जांच कर रही है।
किन लोगों के नाम FIR में शामिल?
पुलिस की कार्रवाई में CJP से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका, सौरव दास और रत्ना सिंह समेत अन्य लोगों का नाम शामिल है। पुलिस का आरोप है कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन आयोजित किया गया और बड़ी संख्या में समर्थकों को एकत्र किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और सार्वजनिक रास्ते पर भीड़ जुटने से यातायात प्रभावित होने का भी आरोप है। पुलिस ने लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर भी अनुमति से जुड़े नियमों का हवाला दिया है।
EC के खिलाफ किया गया था प्रदर्शन
CJP और कुछ अन्य सिविल सोसाइटी संगठनों से जुड़े लोगों ने 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई थी। प्रदर्शन के दौरान मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर कथित गड़बड़ियों के आरोप भी लगाए गए। CJP का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
स्थानीय निवासी की शिकायत के बाद कार्रवाई
पुलिस की कार्रवाई से पहले शिवाजी पार्क की रहने वाली और वकील सिद्धि देओलेकर ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका, सौरव दास और रत्ना सिंह समेत अन्य लोगों के खिलाफ अनुमति के बिना प्रदर्शन करने और बड़ी भीड़ जुटाने का आरोप लगाया गया था। देओलेकर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी शिकायत की जानकारी साझा की थी। उन्होंने दावा किया था कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं होने के बावजूद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
पुलिस ने पहले ही नहीं दी थी अनुमति
मुंबई पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए पहले ही अनुमति नहीं दी गई थी। अधिकारियों ने शिवाजी पार्क के इस्तेमाल से जुड़े प्रतिबंधों के अलावा शोर और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी जताई थी। इसके बावजूद प्रदर्शन आयोजित किए जाने के बाद पुलिस ने अब मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान प्रदर्शन के आयोजन, भीड़ जुटाने और नियमों के कथित उल्लंघन से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।