नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार को लेकर कड़ा बयान दिया है। दीपके ने आरोप लगाया है कि सरकार उन्हें और पार्टी से जुड़े कुछ अन्य नेताओं को गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को लगता है कि UAPA, NSA या जेल जाने का डर दिखाकर उन्हें चुप कराया जा सकता है, तो ऐसा नहीं होने वाला। दीपके ने कहा कि CJP लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी से जुड़े लोग किसी भी कानूनी या प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं।
‘जेल का डर हमें चुप नहीं करा सकता’
अभिजीत दीपके ने कहा कि CJP हर परिस्थिति के लिए तैयार है। उनके मुताबिक, जरूरत पड़ी तो पार्टी के नेता लंबे समय तक जेल में रहने का भी सामना करेंगे, लेकिन अपने राजनीतिक मुद्दों से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने महात्मा गांधी के अहिंसा के रास्ते का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जारी रखेगी। दीपके का कहना है कि किसी भी तरह के दबाव या डर के बावजूद लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना जारी रखा जाएगा।
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान
CJP ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी ने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन बताते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता के पक्षधर लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है। दीपके ने कहा कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने जंतर-मंतर पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए जाने की बात कही।
सौरव दास ने भी लगाया गिरफ्तारी की तैयारी का आरोप
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दावा किया कि सरकार पार्टी के नेताओं के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। उन्होंने अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, रत्ना सिंह और अन्य नेताओं का नाम लेते हुए यह आरोप लगाया। दास ने कहा कि अगर सरकार यह मानती है कि दबाव बनाने या कड़े कानूनी कदमों की चेतावनी से पार्टी के नेता पीछे हट जाएंगे, तो यह उसकी गलतफहमी है। उन्होंने युवाओं से अपने अधिकारों और लोकतांत्रिक मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहने की अपील की।
‘हम किसी भी परिणाम के लिए तैयार’
सौरव दास ने अपने बयान में कहा कि पार्टी के नेता जेल जाने या अन्य कानूनी कार्रवाई का सामना करने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने दावा किया कि देश की युवा पीढ़ी अब अपने अधिकारों को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक है। CJP नेताओं के इन बयानों के बीच अब 10 अक्टूबर को प्रस्तावित जंतर-मंतर प्रदर्शन पर नजर रहेगी। फिलहाल नेताओं द्वारा लगाए गए गिरफ्तारी की तैयारी के आरोपों पर केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।