अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर सख्त तेवर दिखाए हैं। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि रणनीतिक रूप से बेहद अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अब पूरी तरह अमेरिकी नौसेना का नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि इस समुद्री मार्ग से किसे आने-जाने की अनुमति मिलेगी, इसका फैसला अमेरिका करेगा।
ट्रंप ने कहा कि होर्मुज में अमेरिकी मौजूदगी बेहद मजबूत है और यहां सुरक्षा व्यवस्था किसी “स्टील की दीवार” की तरह काम कर रही है। उनके मुताबिक, इस समुद्री मार्ग पर अमेरिका की पकड़ पूरी तरह कायम है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हर फैसले पर अमेरिकी नौसेना की निगरानी रहेगी।
इसी दौरान ट्रंप ने ईरान की उस मांग को भी खारिज कर दिया, जिसमें कथित तौर पर हालिया सैन्य संघर्ष के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की बात कही गई थी। ट्रंप ने कहा कि यदि मुआवजे की बात होगी तो अमेरिका भी ईरान से अपने सैनिकों और नागरिकों को हुए नुकसान का हिसाब मांगेगा।
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ट्रंप ने लिखा कि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि भविष्य में ईरान के साथ होने वाली हर बातचीत में अमेरिका की ओर से मुआवजे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाए। उनका कहना है कि वर्षों से विभिन्न संघर्षों में अमेरिकी नागरिकों और सैनिकों को हुए नुकसान की जिम्मेदारी भी ईरान को लेनी चाहिए।
ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि युद्ध और संघर्षों के दौरान हुए नुकसान की भरपाई का मुद्दा उठता है, तो पिछले कई दशकों में ईरान की नीतियों से प्रभावित लोगों के लिए भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद अमेरिका-ईरान संबंधों में एक बार फिर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।