नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को लेकर एक विस्तृत लेख लिखा है, जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का हवाला देते हुए कहा कि इतिहास ने आखिरकार डॉ. सिंह के पक्ष में फैसला दिया है। उन्होंने दावा किया कि कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में कानूनी राहत मिलने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि उन पर लगाए गए आरोप टिक नहीं सके। सोनिया गांधी ने याद दिलाया कि जनवरी 2014 में अपने कार्यकाल की अंतिम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा था कि इतिहास उनके साथ उस दौर की राजनीति और मीडिया की तुलना में अधिक न्याय करेगा। सोनिया के मुताबिक, हालिया घटनाक्रम ने उनके उस बयान को सही साबित किया है।
‘डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ सुनियोजित माहौल बनाया गया’
अपने लेख में सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ वर्षों तक एक संगठित राजनीतिक और वैचारिक अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग संस्थानों और राजनीतिक ताकतों ने मिलकर ऐसा माहौल बनाया, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके। हालांकि, अदालत के फैसले के बाद सभी आरोप टिक नहीं पाए।उन्होंने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह अपनी सादगी, ईमानदारी और जवाबदेही के लिए हमेशा याद किए जाएंगे और सार्वजनिक जीवन में उनकी छवि निष्कलंक रही।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया जिक्र
सोनिया गांधी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ जारी समन को रद्द करते हुए उनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही समाप्त कर दी। उनके मुताबिक, यह फैसला भारतीय राजनीति के एक लंबे विवाद का अहम पड़ाव है।
पीएम मोदी की टिप्पणी पर भी उठाए सवाल
लेख में सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस पुरानी टिप्पणी का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने राज्यसभा में डॉ. मनमोहन सिंह पर तंज कसा था। सोनिया ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां संसदीय गरिमा के अनुरूप नहीं थीं और इतिहास उन्हें सकारात्मक रूप में याद नहीं करेगा।
जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर सरकार पर हमला
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए किया गया, जबकि सत्ता पक्ष से जुड़े मामलों में अलग रवैया अपनाया गया।
मनमोहन सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं
सोनिया गांधी ने अपने लेख में यूपीए सरकार के कार्यकाल की कई उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में देश ने तेज आर्थिक विकास, निवेश में बढ़ोतरी और कई बड़े सुधार देखे। भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते को उन्होंने उनकी सबसे बड़ी कूटनीतिक उपलब्धियों में से एक बताया।
‘आज उनके बीच न होना सबसे बड़ा अफसोस’
लेख के अंत में सोनिया गांधी ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि डॉ. मनमोहन सिंह आज इस फैसले को देखने के लिए जीवित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि समय के साथ उनकी ईमानदारी, नेतृत्व और सार्वजनिक जीवन में योगदान को और अधिक सम्मान मिलेगा तथा उनका राजनीतिक और प्रशासनिक रिकॉर्ड आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बना रहेगा।