अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय गड़बड़ी के मामले में बड़ी अपडेट सामने आई है। उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने SIT की अंतिम रिपोर्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दी गई है। दोनों को रिपोर्ट में आरोपी के तौर पर शामिल नहीं किया गया है।
तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों की टीम ने की जांच
मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों वाली SIT का गठन किया था। इसकी अगुवाई IG किरण एस ने की। टीम में अयोध्या के DIG सोमेन वर्मा और SSP डॉ. गौरव ग्रोवर भी शामिल रहे। इससे पहले गठित SIT में लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार समेत कई अधिकारी शामिल थे।
इन आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले में पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें अविनाश शुक्ला, संकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमा शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमा शंकर उर्फ टिन्नू शामिल हैं। सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर 25 जून को राम जन्मभूमि थाने में FIR दर्ज की गई थी।
दान में गड़बड़ी के आरोपों की जांच जारी
SIT की रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को राहत मिलने के बावजूद मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। दान और चढ़ावे की रकम से जुड़ी कथित वित्तीय गड़बड़ी तथा अन्य आरोपों की पड़ताल जारी है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट साझा करने पर लगाई थी रोक
इस मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने भी अहम टिप्पणी की थी। अदालत ने कहा था कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं की SIT जांच से संबंधित उत्तर प्रदेश सरकार की स्टेटस रिपोर्ट फिलहाल याचिकाकर्ताओं या अन्य लोगों के साथ साझा नहीं की जा सकती।
अब SIT की अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपे जाने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई और जांच की दिशा पर नजर बनी हुई है।