छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में शादी के तोहफे के नाम पर विस्फोटक भेजकर दूल्हे और उसके भाई की हत्या करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने 33 वर्षीय सरजू मरकाम को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उसे हत्या, हत्या के प्रयास और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम से जुड़े आरोपों में दोषी माना।
यह मामला अप्रैल 2023 में रेंगाखार थाना क्षेत्र के चमारी गांव में सामने आया था। शादी के कुछ दिन बाद एक गिफ्ट के तौर पर पहुंचे होम थिएटर में धमाका हुआ था। हादसे में दूल्हे हेमेंद्र मेरावी और उसके भाई राजकुमार की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे।
एकतरफा प्यार से शुरू हुई कहानी
अभियोजन के मुताबिक, सरजू मरकाम एक युवती से शादी करना चाहता था। लेकिन युवती ने उसकी जगह हेमेंद्र मेरावी से विवाह कर लिया। दोनों की शादी 31 मार्च 2023 को हुई थी। शादी के बाद आरोपी और हेमेंद्र के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ और इसके बाद सरजू ने कथित तौर पर बदला लेने की योजना बनाई।
होम थिएटर में छिपाया विस्फोटक
जांच में सामने आया कि आरोपी ने एक होम थिएटर को विस्फोटक डिवाइस के तौर पर तैयार किया था। पुलिस के अनुसार, यह उपकरण मध्य प्रदेश के बालाघाट से खरीदा गया था।अभियोजन ने अदालत में दावा किया कि डिवाइस तैयार करने में बारूद, अमोनियम नाइट्रेट और पेट्रोल जैसे ज्वलनशील पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था। जांच एजेंसियों ने आरोपी की विस्फोटकों से जुड़ी जानकारी और तैयारी को भी मामले की एक अहम कड़ी बताया।
गिफ्ट खोलते ही हुआ धमाका
3 अप्रैल 2023 को हेमेंद्र और उसका भाई राजकुमार घर में मौजूद थे। जैसे ही होम थिएटर को बिजली से जोड़ा गया, उसमें जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि घर की संरचना को भी नुकसान पहुंचा। इस घटना में दोनों भाइयों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हुए थे। घायलों में एक नाबालिग भी शामिल था।
CCTV और कॉल रिकॉर्ड बने अहम सबूत
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल, CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाए। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इन सबूतों से आरोपी की गतिविधियों और शादी वाले घर तक गिफ्ट पहुंचाने की कड़ी जुड़ी। पुलिस के अनुसार, आरोपी मोटरसाइकिल से शादी समारोह के आसपास पहुंचा था और कथित तौर पर होम थिएटर को घर के आंगन में छोड़कर वहां से चला गया था।
14 अगस्त को आया अदालत का फैसला
कबीरधाम के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गितेश कुमार कौशिक ने 14 अगस्त को मामले में फैसला सुनाया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन की दलीलों के आधार पर सरजू मरकाम को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
अदालत के फैसले के बाद करीब दो साल पुराने इस सनसनीखेज मामले में आरोपी को सजा मिल गई है।