महाराष्ट्र में वंदे मातरम् को लेकर चल रहे विवाद के बीच AIMIM नेता वारिस पठान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह वंदे मातरम् नहीं गाएंगे, चाहे उन्हें इसके लिए कितनी भी सजा क्यों न भुगतनी पड़े। हालांकि, पठान ने यह भी कहा कि वह राष्ट्रगीत का सम्मान करते हैं, लेकिन इसे किसी व्यक्ति पर जबरन नहीं थोपा जाना चाहिए।
‘वंदे मातरम् का सम्मान करते हैं, लेकिन…’
वारिस पठान ने कहा कि वह वंदे मातरम् का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी को मजबूर करके राष्ट्रगीत गवाना उचित नहीं है। उन्होंने छात्रों और Gen-Z के मुद्दे पर भी राजनीति किए जाने का विरोध किया। राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। पठान ने दावा किया कि छात्रों के विरोध के बाद सरकार को अपने फैसले पर पीछे हटना पड़ा और उनकी पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है।
मराठी भाषा को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर हमला
AIMIM नेता ने महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर चल रहे विवाद पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मराठी भाषा सीखना अच्छी बात है, लेकिन किसी को डराकर या नोटिस देकर भाषा सीखने के लिए मजबूर करना सही नहीं है। पठान ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर मराठी भाषा अनिवार्य करने का फैसला लिया जाता है तो इसे सभी पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने फिल्मी सितारों और बड़े उद्योगपतियों का भी जिक्र किया।
ईद-ए-मिलाद पर शराब की दुकानें बंद करने की मांग
वारिस पठान ने ईद-ए-मिलाद के मौके पर महाराष्ट्र में एक दिन शराबबंदी की मांग भी की। उन्होंने कहा कि अगर सभी धर्मों के त्योहारों को समान नजर से देखा जाता है तो ईद-ए-मिलाद के दिन भी शराब की दुकानों को बंद रखा जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जिस तरह कुछ हिंदू त्योहारों के दौरान शराब और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाता है, उसी तरह ईद-ए-मिलाद के दिन भी शराब की बिक्री पर रोक होनी चाहिए।
कांग्रेस मुख्यालय से शुरू हुआ वंदे मातरम् विवाद
दरअसल, वंदे मातरम् को लेकर विवाद उस वक्त तेज हुआ, जब कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत को लेकर सवाल उठे। इसके बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी शुरू हो गई। सत्ता पक्ष के नेता कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगा रहे हैं, जबकि विपक्ष की ओर से इसे राजनीतिक मुद्दा बनाए जाने पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
जीतन राम मांझी ने भी किया था हमला
इससे पहले केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी वंदे मातरम् विवाद को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा था कि राष्ट्रगीत को लेकर विवाद खड़ा करने वालों को जनता जवाब देगी। फिलहाल वंदे मातरम् को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। वारिस पठान के ताजा बयान ने इस विवाद को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।